PKN Live | हाल ही में एक नई स्टडी ने शराब और दिमाग के बारे में कुछ ऐसा बताया है जो सुनने में अजीब लग सकता है। Steath Research नाम की एक संस्था ने अपने शोध में कहा है कि जो लोग रोज़ाना सिर्फ 1 या 2 बीयर पीते हैं, उनका दिमाग उन लोगों से बेहतर काम करता है जो बिल्कुल शराब नहीं पीते।
यह सुनकर लोग हैरान हुए हैं क्योंकि हम सब जानते हैं कि शराब सेहत के लिए अच्छी नहीं होती। लेकिन इस स्टडी में कहा गया है कि अगर बहुत कम मात्रा में शराब पी जाए तो दिमाग पर इसका कुछ अच्छा असर हो सकता है। पर ध्यान रहे, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि शराब पीना सही है या लोगों को इसे पीना शुरू कर देना चाहिए।
स्टडी में क्या पता चला
इस स्टडी में अलग अलग उम्र के लोगों को देखा गया। उनकी रोज़मर्रा की आदतें, शराब पीने का तरीका और दिमाग की ताकत को चेक किया गया। पता चला कि जो लोग रोज़ थोड़ी सी बीयर पीते थे, उनके दिमागी टेस्ट में स्कोर अच्छे आए।
इन टेस्ट में याददाश्त, ध्यान लगाना, फैसले लेने की ताकत और सोचने समझने की क्षमता को देखा गया। जो लोग रोज़ थोड़ी बीयर पीते थे, उन्होंने इन सब में अच्छा किया।
दिमाग पर कैसे असर करती है थोड़ी शराब
रिसर्च करने वालों ने बताया कि इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं।
पहला कारण है कि थोड़ी शराब से दिमाग में खून का बहाव बेहतर हो जाता है। जब दिमाग तक खून अच्छे से पहुंचता है तो उसे ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है और वो बेहतर काम करता है।
दूसरा कारण है शरीर की सूजन कम होना। बहुत कम मात्रा में शराब शरीर की अंदरूनी सूजन को कम कर सकती है। सूजन कई बीमारियों की जड़ होती है, इसलिए इसका कम होना फायदेमंद हो सकता है।
तीसरा कारण है तनाव कम होना। थोड़ी शराब से मन शांत हो सकता है और तनाव घट सकता है, जिससे दिमाग अच्छे से काम करता है।
तो क्या शराब पीना सही है
बिल्कुल नहीं। ये स्टडी ये नहीं कह रही कि शराब पीना अच्छी बात है। रिसर्च में साफ कहा गया है कि फायदा तभी हो सकता है जब बहुत कम मात्रा में पिया जाए। जैसे ही मात्रा बढ़ती है, नुकसान बहुत ज्यादा होने लगता है।
ज्यादा शराब पीने से ये सब हो सकता है।
लिवर खराब हो सकता है। दिल की बीमारी हो सकती है। तनाव और डिप्रेशन बढ़ सकता है। नशे की लत लग सकती है। नींद की दिक्कत हो सकती है। घबराहट बढ़ सकती है। याददाश्त कमजोर हो सकती है।
मतलब साफ है कि थोड़ा पीना और ज्यादा पीना दोनों बिल्कुल अलग चीजें हैं।
रिसर्चर्स ने क्या कहा
स्टडी करने वालों ने साफ कहा है कि उनका मकसद शराब को बढ़ावा देना नहीं है। वो बस ये समझना चाहते थे कि हमारी आदतें दिमाग पर कैसे असर डालती हैं।
उन्होंने कहा कि हम ये नहीं कह रहे कि लोग बीयर पीना शुरू कर दें। हमारी स्टडी बस ये बता रही है कि बहुत कम मात्रा में शराब पीने वालों का दिमाग थोड़ा बेहतर काम कर रहा था। लेकिन जैसे ही ये आदत बन जाती है और मात्रा बढ़ती है, शरीर को बहुत नुकसान होने लगता है।
बिना शराब के दिमाग कैसे तेज़ करें
अगर आप अपना दिमाग तेज़ रखना चाहते हैं तो शराब की बिल्कुल जरूरत नहीं है। इन आसान तरीकों को अपनाएं।
रोज़ 30 मिनट टहलें या कसरत करें। अच्छी नींद लें, कम से कम 7 से 8 घंटे सोएं। मेडिटेशन या योग करें। पहेलियां बुझाएं, सुडोकू खेलें, शतरंज खेलें। अच्छा खाना खाएं, हरी सब्जियां और फल खाएं। तनाव कम करने की कोशिश करें। फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।
ये सब तरीके बिना किसी नुकसान के आपका दिमाग तेज़ बनाते हैं।
ये स्टडी बस इतना बता रही है कि जो पहले से बहुत कम शराब पीते हैं, उनका दिमाग थोड़ा अच्छा काम कर रहा था। लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि जो लोग नहीं पीते उन्हें पीना शुरू कर देना चाहिए।
याद रखिए, जहां कंट्रोल खत्म हुआ, वहां से नुकसान शुरू हो जाता है। शराब पीना सेहत के लिए खतरनाक है और किसी को भी इसे पीने की सलाह नहीं दी जा सकती।
ये जानकारी सिर्फ आपको बताने के लिए दी गई है। हम किसी भी तरह से शराब पीने को सही नहीं मानते। अपनी सेहत के लिए हमेशा सही और सुरक्षित रास्ते चुनें।