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तीज महोत्सव में गूंजा समर्पण, सेवा और संस्कार का संदेश, ग्रेटर नोएडा में जुटीं सैकड़ों महिलाएं

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PKN Live | ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 स्थित आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज के साराभाई ऑडिटोरियम में श्री बालाजी मानव सेवा समिति के सेविका महिला मंडल की ओर से तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान तीज पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण, परिवार और संस्कारों से जुड़े संदेश भी दिए गए।

कार्यक्रम में श्री बालाजी मानव सेवा समिति के संस्थापक एवं प्रबंधक सतेन्द्र राघव ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय पर्व केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज में संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

सतेन्द्र राघव ने कहा कि संस्था भारतीय पर्वों, संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था के मूल सिद्धांत “समर्पण, सेवा और संस्कार” हैं। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को सर्वोपरि मानते हुए समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।

शिव-पार्वती की कथा से समझाया तीज का महत्व

कार्यक्रम में तीज सुंदरी डॉ. रत्ना गुप्ता ने तीज पर्व के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा के माध्यम से सनातन जीवन दर्शन और भारतीय परंपराओं के विभिन्न पहलुओं को समझाया।

डॉ. रत्ना गुप्ता ने कहा कि माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव के प्रति उनका समर्पण भारतीय परंपरा में आस्था और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने तीज को महिलाओं के लिए आस्था के साथ-साथ परिवार और समाज में सकारात्मक संस्कारों को आगे बढ़ाने का अवसर बताया।

उन्होंने कहा कि तीज और हरियाली तीज जैसे पर्व प्रकृति और हरियाली से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे अवसरों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। महिलाओं की भूमिका परिवार में संस्कारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है और तीज जैसे उत्सव इस प्रक्रिया को मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं।

परिवार और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास

आयोजकों के अनुसार, तीज महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं को एक साथ लाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक जीवन मूल्यों से जोड़ना भी रहा। कार्यक्रम में तीज को परिवार मिलन और सामाजिक सहभागिता के पर्व के रूप में प्रस्तुत किया गया।

संस्था का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली के बीच नई पीढ़ी को भारतीय पर्वों और परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है। त्योहारों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को परिवार, समाज, प्रकृति और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जा सकता है।

तीज महोत्सव में इसी विचार को केंद्र में रखते हुए समर्पण, सेवा और संस्कार की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सैकड़ों महिलाओं की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। बीना अरोड़ा, सीमा सिंह, अंजू शर्मा, राखी मित्तल, प्रतिमा सिंह, पिंकी त्रिपाठी, विद्या ओम, रीना गुप्ता, किरण मिश्रा, चंचल भारती, पूनम सिंह, अर्चिता, प्रियंका शर्मा, डॉ. रत्ना गुप्ता, रजनी गुप्ता, नेहा गुप्ता, उमा शर्मा, नवनीता, प्रतिभा रॉय, शिवांगी दुबे, नीरजा, लालिमा, सौनी, मनीषा बवेजा, मंजू मित्तल, प्रियंका सिंह, रश्मि जुनेजा, नीलम मिश्रा, निशा मिश्रा, शिवानी मिश्रा, रिंकू मिश्रा, संगीता चौधरी, सुशीला, कुसुम, पूजा, पिंकी, संगीता, दिव्या, मधु, श्वेता, नीलम कटारिया, परवेज, वंदना शर्मा, कमलेश, शीतल तिवारी, डिम्पल, सुनीता, सुरेखा, साधना, अर्चना मिश्रा, ललिता, बबली, नीलम, ममता, मंगल, प्रेमलता और इंदु शेखावत समेत सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने तीज पर्व की परंपराओं और सांस्कृतिक भावनाओं को साझा किया। आयोजकों ने इसे भारतीय संस्कृति, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक संस्कारों को बढ़ावा देने वाला आयोजन बताया।

श्री बालाजी मानव सेवा समिति की ओर से आयोजित इस तीज महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेशों को भी प्रमुखता दी गई। आयोजन के जरिए भारतीय पर्वों की परंपरा को आगे बढ़ाने और समाज में सेवा, समर्पण एवं संस्कार की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

गार्डेनिया ग्लोरी में तीज की धूम, महिलाओं ने गीत-संगीत और झूले के साथ मनाया पर्व

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PKN Live | नोएडा के सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में तीज पर्व का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। तीज के अवसर पर सोसाइटी की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक गीत-संगीत, झूले तथा मनोरंजक गतिविधियों के बीच त्योहार की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।

तीज महिलाओं के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में शामिल है। इस पर्व के दौरान महिलाएं सज-संवरकर उत्सव में शामिल होती हैं और गीत-संगीत तथा झूले के साथ त्योहार का आनंद लेती हैं। गार्डेनिया ग्लोरी में भी इसी पारंपरिक भावना को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए विशेष आयोजन किया गया।

बड़ी संख्या में महिलाओं ने की भागीदारी

तीज समारोह में सीमा रानी, मधुलिका गौर, सुलेखा तोमर और नीरू सिन्हा समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां बांटीं और पूरे उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।

आयोजन के दौरान महिलाओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। कई महिलाएं पारंपरिक परिधानों में नजर आईं, जिससे कार्यक्रम में तीज की पारंपरिक छटा और भी बढ़ गई। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और साथ मिलकर त्योहार को यादगार बनाया।

सोसाइटी में आयोजित इस तरह के सामूहिक कार्यक्रम निवासियों को आपस में जुड़ने और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने का अवसर भी देते हैं। तीज समारोह के दौरान महिलाओं ने रोजमर्रा की व्यस्तता से अलग समय निकालकर एक साथ त्योहार का आनंद लिया।

गीत-संगीत से गूंजा समारोह

कार्यक्रम में पारंपरिक गीत-संगीत ने खास रंग जमाया। तीज से जुड़े गीतों के बीच महिलाओं ने उत्साह के साथ भागीदारी की और त्योहार की पारंपरिक खुशियों को महसूस किया।

गीत-संगीत के साथ महिलाओं ने आपसी बातचीत और मनोरंजन का भी आनंद लिया। कार्यक्रम का माहौल ऐसा रहा कि महिलाएं लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ जुड़ी रहीं और तीज की खुशियां साझा करती नजर आईं।

तीज के पर्व में लोकगीत और झूले की अपनी अलग पहचान है। गार्डेनिया ग्लोरी में आयोजित समारोह में भी इन परंपराओं को विशेष स्थान दिया गया। इससे आयोजन में सांस्कृतिक रंग के साथ-साथ मनोरंजन का भी बेहतर माहौल बना।

सजाया गया खास सेल्फी झूला

गार्डेनिया ग्लोरी के तीज समारोह का एक प्रमुख आकर्षण रहा खूबसूरती से सजाया गया सेल्फी झूला। तीज की पारंपरिक भावना को ध्यान में रखते हुए झूले को आकर्षक तरीके से सजाया गया था।

झूला महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहा। महिलाएं बारी-बारी से झूले पर बैठीं और अपनी तस्वीरें खिंचवाईं। कई महिलाओं ने अपनी सहेलियों और परिचितों के साथ सेल्फी लेकर इन पलों को यादों में संजोया।

सेल्फी झूले ने पारंपरिक तीज समारोह में आधुनिकता का रंग भी जोड़ दिया। जहां एक ओर झूला त्योहार की पुरानी परंपरा से जुड़ा था, वहीं सेल्फी और तस्वीरों ने इसे आज के समय के अंदाज से जोड़ दिया।

त्योहार के साथ बढ़ा आपसी मेलजोल

गार्डेनिया ग्लोरी में आयोजित तीज समारोह का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना ही नहीं, बल्कि सोसाइटी की महिलाओं को एक साथ आने का अवसर देना भी रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ बातचीत की और आपसी मेलजोल बढ़ाया।

त्योहारों के सामूहिक आयोजन से सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीच सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है। ऐसे आयोजनों में अलग-अलग परिवारों की महिलाएं एक मंच पर आती हैं और एक-दूसरे के साथ खुशी के पल साझा करती हैं।

तीज समारोह के दौरान भी यही माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने उत्साह के साथ भागीदारी की और इसे यादगार बनाने में अपना योगदान दिया।

 

पारंपरिक परिधान और रंग-बिरंगी छटा

तीज के आयोजन में पारंपरिक परिधानों की भी खास झलक देखने को मिली। महिलाओं ने त्योहार के अनुरूप सज-संवरकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इससे पूरे समारोह में रंग-बिरंगी और पारंपरिक छटा दिखाई दी।

पारंपरिक परिधानों, गीत-संगीत और सजाए गए झूले ने कार्यक्रम को तीज के रंग में रंग दिया। महिलाओं ने अपने अंदाज में त्योहार का आनंद लिया और तस्वीरों के जरिए इन खूबसूरत पलों को कैमरे में कैद किया।

तस्वीरों में नजर आया महिलाओं का उत्साह

गार्डेनिया ग्लोरी के तीज समारोह की तस्वीरों में महिलाओं का उत्साह और कार्यक्रम की रौनक साफ दिखाई दी। सजाए गए झूले के साथ तस्वीरें खिंचवाती महिलाएं इस आयोजन का खास आकर्षण रहीं।

महिलाओं ने अलग-अलग अंदाज में फोटो और सेल्फी लीं। समारोह के दौरान बनाए गए फोटो प्वाइंट ने महिलाओं को यादगार तस्वीरें लेने का मौका दिया। इन तस्वीरों के जरिए कार्यक्रम के कई खुशनुमा पल हमेशा के लिए संजो लिए गए।

आयोजन ने दी त्योहार की सामूहिक खुशी

गार्डेनिया ग्लोरी में आयोजित तीज समारोह ने महिलाओं को पारंपरिक त्योहार को सामूहिक रूप से मनाने का अवसर दिया। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने गीत-संगीत, झूले और आपसी मेलजोल के साथ तीज की खुशियों का आनंद लिया।

आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक मनोरंजन दोनों का संतुलित मेल देखने को मिला। तीज के पारंपरिक झूले और गीत-संगीत के साथ सेल्फी प्वाइंट ने कार्यक्रम को आज के दौर के अनुरूप भी बनाया।

सोसाइटी में त्योहारों के ऐसे आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ आपसी रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी देते हैं। गार्डेनिया ग्लोरी का तीज समारोह भी इसी भावना के साथ आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।

कुल मिलाकर, सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में तीज पर्व का आयोजन उत्साह और उमंग से भरा रहा। सीमा रानी, मधुलिका गौर, सुलेखा तोमर और नीरू सिन्हा समेत बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही। पारंपरिक गीत-संगीत, सजे हुए झूले और सेल्फी के बीच महिलाओं ने त्योहार की खुशियां साझा कीं और तीज समारोह को यादगार बनाया।

जेवर की बेटियों के नाम रहा स्वतंत्रता दिवस, राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज में पहली बार फहराया तिरंगा

AIN NEWS 1, जेवर । जेवर के राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज में इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह खास रहा। कॉलेज परिसर में पहली बार स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं के साथ अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगे की आन-बान-शान के बीच आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया।

उच्च शिक्षा की राह आसान बनाने की पहल

राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज की स्थापना का उद्देश्य जेवर और आसपास के क्षेत्र की बेटियों को उनके घर के नजदीक उच्च शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए यह कॉलेज महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए पहले दूर के संस्थानों का रुख करना पड़ता था।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के संदेश को भी मजबूती दी।

धीरेंद्र सिंह बोले- बेटियों के सपनों को मिलेगी उड़ान

समारोह में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि कॉलेज परिसर में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन उनके लिए गर्व और भावुकता का विषय है। उन्होंने इसे जेवर की बेटियों के सपनों और उनके बेहतर भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि यह महाविद्यालय क्षेत्र की छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर देगा।

विधायक ने कहा कि किसी भी बेटी की उच्च शिक्षा आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा को बेटियों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षित और सशक्त बेटियां जेवर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कॉलेज को बनाया जाएगा बेहतर शिक्षा का केंद्र

धीरेंद्र सिंह ने राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज की स्थापना और संचालन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार जेवर में विकास के साथ शिक्षा के क्षेत्र पर भी ध्यान दे रही है।

उन्होंने कॉलेज में आवश्यक शैक्षणिक संसाधन और सुविधाएं विकसित करने तथा इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए उत्कृष्ट उच्च शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही।

जेवर के राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज में आयोजित यह पहला स्वतंत्रता दिवस समारोह छात्राओं और क्षेत्रवासियों के लिए यादगार बन गया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि क्षेत्र के विकास के साथ बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को मजबूत करना भी प्राथमिकता है।

मुख्य बिंदु:

  • राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज, जेवर में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह हुआ।
  • छात्राओं और क्षेत्रवासियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
  • विधायक धीरेंद्र सिंह ने बेटियों की उच्च शिक्षा और कॉलेज के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

शिवसेना नेता संतोष सिंह का जन्मदिन आज: कारोबार से फिल्म निर्माण और शिवसेना की राजनीति तक ऐसा रहा सफर

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PKN Live मुंबई। शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, महाराष्ट्र के मुंबई उपाध्यक्ष और फिल्म प्रोड्यूसर संतोष सिंह का 9 अगस्त को जन्मदिन है। व्यवसाय, फिल्म निर्माण और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय संतोष सिंह ने मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया। जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बक्सर में जन्म, पूर्वांचल में बीता बचपन

संतोष सिंह का जन्म बिहार के बक्सर जिले में हुआ। उनके पिता पुलिस विभाग में अधिकारी थे, जिसके चलते उनके बचपन और प्रारंभिक शिक्षा का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में बीता।

उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से उच्च शिक्षा हासिल की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने सैन्य विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और प्रथम स्थान हासिल करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया।

उनके पारिवारिक संस्कारों का भी उनके व्यक्तित्व पर प्रभाव रहा। उनकी माता धार्मिक प्रवृत्ति की होने के साथ जरूरतमंद और असहाय लोगों की मदद के लिए जानी जाती थीं। परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, 1980 और 1990 के दशक में जौनपुर में छठ पूजा के आयोजन को बढ़ावा देने में भी उनकी भूमिका रही थी।

उनके पिता को पुलिस विभाग में एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता था। संतोष सिंह के समर्थक उनके व्यक्तित्व में भी इन्हीं पारिवारिक संस्कारों की झलक देखते हैं।

2002 में शुरू किया गारमेंट्स कारोबार

शिक्षा पूरी करने के बाद संतोष सिंह ने मुंबई को अपनी कर्मभूमि बनाया। वर्ष 2002 में उन्होंने गारमेंट्स इंडस्ट्री में व्यवसाय की शुरुआत की।

बाद में उन्होंने ‘विजसन कैजुअल’ नाम से मेन्स वियर ब्रांड शुरू किया, जिसके तहत जींस और शर्ट का कारोबार किया गया। उनके अनुसार, यह ब्रांड युवाओं के बीच लोकप्रिय हुआ और इसी कारोबारी अनुभव के बाद उन्होंने मनोरंजन जगत का रुख किया।

2007 में फिल्म निर्माण में रखा कदम

वर्ष 2007 में संतोष सिंह ने अपने छोटे भाई और फिल्म अभिनेता अजय दीक्षित उर्फ आशुतोष सिंह के साथ मिलकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। विजसन फिल्म्स के बैनर तले उनकी पहली फिल्म ‘बेटवा बाहुबली’ का निर्माण हुआ।

फिल्म को उस दौर में अच्छी लोकप्रियता मिलने की बात कही जाती है। इसके बाद विजसन फिल्म्स के बैनर तले कई अन्य फिल्मों का निर्माण किया गया।

इनमें ‘नजरिया तोहसे लागी’, ‘बेटवा बाहुबली पार्ट-2’, ‘फूहड़ सिनेमा’ और ‘लाल इश्क’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

‘नजरिया तोहसे लागी’ को बिहार में चर्चित पकडुआ विवाह की सामाजिक समस्या पर आधारित फिल्म के तौर पर बताया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिल्म को नेशनल इंटीग्रेशन अवॉर्ड भी मिला।

2023 में शिवसेना से जुड़े

फिल्म और व्यवसाय के बाद संतोष सिंह ने सक्रिय राजनीति में भी कदम रखा। वर्ष 2023 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुए राजनीतिक बदलाव के दौरान उन्होंने शिंदे के नेतृत्व का समर्थन किया।

उदय सामंत, गुलाबराव पाटिल, भरतशेठ गोगावले, सांसद श्रीरंग बारणे, विधायक दिलीप सेठ दलवी और विधायक महेंद्र थोरवे समेत कई नेताओं की मौजूदगी में संतोष सिंह अपने सैकड़ों उत्तर भारतीय समर्थकों के साथ शिवसेना में शामिल हुए।

पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने रायगढ़ और नवी मुंबई के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संगठन के प्रचार-प्रसार में भाग लिया। मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

जनवरी 2026 में बने मुंबई उपाध्यक्ष

पार्टी गतिविधियों में सक्रियता और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी भूमिका को देखते हुए जनवरी 2026 में उन्हें शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन, महाराष्ट्र में मुंबई उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

इसके बाद से वह उत्तर भारतीय समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात रखते रहे हैं। इनमें फेरीवालों के पुनर्वास, मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, उत्तर भारतीयों से जुड़े सामाजिक मुद्दे और संगठन के विस्तार जैसे विषय शामिल हैं।

संतोष सिंह शिवसेना के संगठनात्मक विस्तार को महाराष्ट्र से बाहर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों तक ले जाने की जरूरत पर भी अपनी राय रखते रहे हैं।

कांवड़ यात्रा और सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय

सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी संतोष सिंह सक्रिय नजर आए हैं। इसके अलावा मुंबई में रहने वाले उत्तर भारतीय समुदाय से जुड़े विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठाते रहे हैं।

उनकी राजनीतिक गतिविधियों में उत्तर भारतीय समाज से जुड़े विषयों के साथ-साथ स्थानीय स्तर के मुद्दे भी प्रमुख रहे हैं।

तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बनाई पहचान

संतोष सिंह का सफर बिहार के बक्सर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और फिर मुंबई तक पहुंचा। शिक्षा के बाद उन्होंने व्यवसाय से शुरुआत की, इसके बाद फिल्म निर्माण में कदम रखा और बाद में सक्रिय राजनीति से जुड़े।

वर्तमान में वह शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन में मुंबई उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। व्यवसाय और फिल्म निर्माण के अनुभव के बाद राजनीति में उनकी सक्रियता उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है।

जन्मदिन पर समर्थकों ने दी शुभकामनाएं

9 अगस्त को संतोष सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों, मित्रों और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी जा रही हैं। इस मौके पर उनके सहयोगियों ने उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सफलता की कामना की।

संतोष सिंह के समर्थकों का कहना है कि आने वाले समय में वह उत्तर भारतीय समाज और मुंबई से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे।

आस्था के साथ सेवा का संकल्प, राजनगर एक्सटेंशन कांवड़ शिविर में गणमान्य लोगों का अभिनंद

PKN Live गाजियाबाद। सावन की आस्था के बीच राजनगर एक्सटेंशन में चल रहे 5वें विशाल कांवड़ सेवा शिविर एवं भंडारे में सेवा और सामाजिक समर्पण की तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के दूसरे दिन एक ओर शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा का सिलसिला जारी रहा, वहीं दूसरी ओर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

शिविर में दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

11 अगस्त तक चलेगा कांवड़ सेवा शिविर

आयोजन के मुख्य संयोजक संदीप शर्मा के अनुसार, राजनगर एक्सटेंशन में यह सेवा शिविर 5 अगस्त से शुरू हुआ है और 11 अगस्त तक चलेगा। शिविर में आने वाले कांवड़ियों के लिए विश्राम, भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

श्री कृष्णा प्रॉपर्टीज और प्लेटिनम-321 सोसायटी के सौजन्य से आयोजित शिविर में स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।

सामाजिक योगदान के लिए किया गया सम्मान

दूसरे दिन हुए विशेष सम्मान समारोह में पूर्व राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता तथा सैल्यूट तिरंगा के संगठन महामंत्री सचिदानंद पोखरियाल को सम्मानित किया गया। उनके साथ समाजसेवी सुभाष प्रधान, शाश्वत सनातन सेवा संस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट मुकेश मित्तल, महासचिव पंकज गोयल, डॉ. नरेंद्र दयानी, सीए विनीत गोयल, विजय अरोड़ा, प्रीतपाल सिंह खोसला और मोहित चौधरी सहित अन्य लोगों को भी स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।

अतिथियों ने कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आयोजक संदीप शर्मा एवं उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उनका कहना था कि धार्मिक आयोजनों के साथ जुड़ी सेवा की भावना समाज के अलग-अलग वर्गों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करती है।

कांवड़ सेवा से मजबूत होता है भाईचारा: विजय शर्मा

ग्राम अटौर के पूर्व प्रधान प्रत्याशी विजय शर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन नहीं है, बल्कि सेवा और सामाजिक सहयोग का भी अवसर है। ऐसे आयोजन आपसी भाईचारे और समरसता को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने क्षेत्र के लोगों से शिविर में पहुंचकर कांवड़ियों की सेवा में सहयोग करने की अपील की। साथ ही श्रद्धालुओं से भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में सागर शर्मा, सुमित शर्मा, दीपू शर्मा, प्रज्वल शर्मा, कार्तिक शर्मा और अवध भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। शिविर की टीम ने 11 अगस्त तक इसी तरह कांवड़ियों की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया।

 

सगी बहन और जीजा पर विधवा महिला से लाखों की धोखाधड़ी, मुरादनगर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला

PKN Live | गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों में विश्वास और भरोसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बुजुर्ग विधवा महिला ने अपनी सगी बहन और जीजा पर उसकी जमीन के सौदे में कथित तौर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि उसे धोखे में रखकर जमीन बिकवाई गई और बाद में मकान खरीदने के नाम पर लाखों रुपये का कथित आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

पीड़िता का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है और संपत्ति संबंधी कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी भी सीमित है। इसी का फायदा उठाकर उसके अपने रिश्तेदारों ने उसका विश्वास जीता और जमीन बेचने के लिए तैयार कर लिया।

51 लाख रुपये में बिकवाई गई जमीन

महिला के अनुसार, उसकी एक बीघा जमीन का सौदा 51 लाख रुपये में कराया गया। उसे भरोसा दिलाया गया कि पूरी प्रक्रिया उसके हित में है और भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। रिश्तेदारों पर विश्वास होने के कारण उसने किसी तरह का संदेह नहीं किया।

इसके बाद आरोप है कि उसके जीजा ने मुरादनगर में 70 गज का एक मकान खरीदवाया और बताया कि उसकी कीमत 47 लाख रुपये है। महिला ने बिना किसी जांच-पड़ताल के इस जानकारी पर भरोसा कर लिया।

जांच में सामने आया कीमत का अंतर

कुछ समय बाद महिला को पूरे लेन-देन पर संदेह हुआ। उसने मकान के वास्तविक मूल्य की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। महिला का दावा है कि जिस व्यक्ति ने मकान बेचा था, उसने बताया कि मकान की बिक्री 38 लाख रुपये में हुई थी।

महिला का यह भी आरोप है कि सौदे में शामिल प्रॉपर्टी डीलर ने भी इसी कीमत की पुष्टि की और कथित तौर पर बताया कि महिला को वास्तविक कीमत न बताने के लिए उसके जीजा ने कहा था।

यदि महिला के आरोप सही साबित होते हैं, तो मकान की वास्तविक कीमत और बताई गई कीमत के बीच लगभग 9 लाख रुपये का अंतर सामने आता है। इसी आधार पर महिला ने आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने का आरोप

पीड़िता का कहना है कि जब उसने अपनी बहन और जीजा से इस बारे में सवाल किए तो दोनों ने कथित रूप से उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।

महिला का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और उसे धमकाया गया। उसका कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि वह चाहे जहां शिकायत कर ले, उसे उसके पैसे वापस नहीं मिलेंगे।

हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद महिला ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़िता का कहना है कि उसने सभी तथ्यों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध करा दी है।

महिला का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण वह न्याय की उम्मीद में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रही है।

पति के निधन के बाद अकेले संघर्ष

महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद उसकी जमीन और जमा-पूंजी ही उसके जीवन का सबसे बड़ा सहारा थी। अब वह दावा कर रही है कि उसी संपत्ति के साथ कथित धोखाधड़ी होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

वह चाहती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो उसकी कथित रूप से हड़पी गई रकम वापस दिलाई जाए।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

फिलहाल यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अभी तक आरोपियों की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति से जुड़े मामलों में किसी भी लेन-देन से पहले सभी दस्तावेजों की जांच, बाजार मूल्य का स्वतंत्र सत्यापन और भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड रखना बेहद आवश्यक होता है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

यदि जांच में महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि जांच में अलग तथ्य सामने आते हैं, तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

फिलहाल पीड़ित महिला न्याय की आस लगाए हुए है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।

(नोट: यह समाचार पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)

भाकियू सर छोटूराम के स्थापना दिवस की सफलता पर राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी का रईसपुर में भव्य सम्मान, किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

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PKN Live गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) सर छोटूराम के प्रथम स्थापना दिवस समारोह की सफलता के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में ग्राम रईसपुर स्थित संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी के आवास पर बालाजी युवा समिति की ओर से भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों, युवाओं और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लेकर आनंद चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।

यह सम्मान केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी के लिए नहीं था, बल्कि इसे संगठन के उन सभी कार्यकर्ताओं, किसानों और युवाओं के सामूहिक प्रयासों का सम्मान माना गया, जिन्होंने प्रथम स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह के दौरान संगठन की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

स्थापना दिवस की सफलता से संगठन को मिली नई मजबूती

भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम का प्रथम स्थापना दिवस 11 जुलाई को बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। आयोजन ने संगठन को नई पहचान देने के साथ-साथ किसानों के बीच उसकी सक्रिय भूमिका को भी मजबूत किया।

स्थापना दिवस की सफलता के बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला। इसी उपलब्धि के उपलक्ष्य में बालाजी युवा समिति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी के सम्मान का निर्णय लिया। समिति के अध्यक्ष रॉबिन चौधरी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया और संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सम्मान को कार्यकर्ताओं और किसानों को किया समर्पित

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी ने कहा कि उन्हें मिला सम्मान किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता, किसान और युवा साथी की मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। यदि कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करें तो संगठन को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

आनंद चौधरी ने कहा कि उन्होंने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई है, जबकि वास्तविक सफलता उन सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा

अपने संबोधन में आनंद चौधरी ने स्पष्ट कहा कि भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम भविष्य में भी किसानों के अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश का किसान आज भी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है और संगठन इन मुद्दों को प्रशासन तथा सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से उठाने का काम करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा सिंचाई, बिजली, ग्रामीण सड़कें, कृषि सुविधाएं और रोजगार जैसे विषय आज भी किसानों की बड़ी चिंताएं हैं। संगठन इन सभी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाता रहेगा।

आनंद चौधरी ने भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और संगठन हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय पर रहेगा विशेष फोकस

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संगठन केवल किसानों के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनका मानना है कि जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी संगठन समय-समय पर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की दिशा में काम करना ही संगठन का उद्देश्य है।

युवाओं से संगठन से जुड़ने की अपील

आनंद चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में संगठन से जुड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि युवा समाज और किसानों के मुद्दों को लेकर आगे आएंगे तो संगठन और अधिक प्रभावी बनेगा। नई सोच, नई ऊर्जा और नई तकनीक के साथ युवा किसानों की आवाज को गांव से लेकर प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाएगा ताकि नई पीढ़ी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए किसानों के हितों की लड़ाई में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके।

सामाजिक भाईचारे और एकता का दिया संदेश

सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और एकजुटता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब सभी वर्ग मिलकर विकास और जनहित के कार्यों में सहयोग करें।

बालाजी युवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों का सम्मान, ग्रामीण विकास और सामाजिक एकता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। समिति भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए और लोगों के बीच आपसी सहयोग की भावना मजबूत हो।

वक्ताओं ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण और संगठन के पदाधिकारी

कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, किसान और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी का स्वागत करते हुए स्थापना दिवस समारोह की सफलता पर उन्हें बधाई दी।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद मनोज चौधरी, अशोक चौधरी, सूबेदार जी, पिंकू पंडित जी, विजय उर्फ लाला, भूपेंद्र चौधरी, नीरज चौधरी, सचिन चौधरी, अमरजीत चौधरी, अमित चौधरी, गजेंद्र पंडित, देवो पंडित जी, चमन चौधरी, मुकेश चौधरी, मोहित कौशिक और राहुल कौशिक सहित बालाजी युवा समिति के पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

सभी ने संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए किसानों के हितों और ग्रामीण समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा जताया।

संगठन को मजबूत बनाने का लिया सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं, किसानों और ग्रामीणों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने किसानों की समस्याओं को हर स्तर तक पहुंचाने, सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम केवल किसानों के अधिकारों की लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से भी लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में संगठन ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ युवाओं को जोड़ने के अभियान को और तेज करेगा।

किसानों के हितों के लिए सक्रिय रहेगा संगठन

समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम भविष्य में भी किसानों के अधिकारों, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद चौधरी ने अंत में कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की एकजुटता और किसानों के विश्वास के बल पर संगठन आने वाले समय में और अधिक मजबूती के साथ जनहित के मुद्दों को उठाएगा तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के सहयोग से सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करता रहेगा।

योगमय हुआ नोएडा: सेक्टर 46 की गार्डेनिया ग्लोरी से गौर सिटी और चेरी काउंटी तक हजारों लोगों ने किया योग, बांटे गए तुलसी के पौधे

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PKN Live नोएडा, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में योग के प्रति लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। सुबह से ही शहर के पार्कों, स्कूलों, खेल परिसरों और आवासीय सोसायटियों में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। जिला प्रशासन, आरडब्ल्यूए (RWA), अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और विभिन्न योग संस्थानों के सहयोग से जिले भर में सैकड़ों योग शिविर आयोजित किए गए।

सेक्टर-12 के सरस्वती शिशु मंदिर में उमड़ी भीड़

नोएडा के सेक्टर-12 स्थित सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और बच्चों ने योग सत्र में भाग लिया। योग प्रशिक्षिका राजबाला शर्मा के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

गार्डेनिया ग्लोरी में योग के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसायटी में योग दिवस का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रख्यात योग प्रशिक्षिका सीमा रानी के नेतृत्व में 100 से अधिक निवासियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। वर्ष 2018 से लगातार योग जागरूकता अभियान चला रहीं सीमा रानी ने इस बार भी अपनी परंपरा को जारी रखते हुए कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को तुलसी के पौधे वितरित किए। इस अवसर पर लोगों ने अगले वर्ष और बड़े स्तर पर आयोजन करने का संकल्प भी लिया।

विभिन्न सेक्टरों और सोसायटियों में दिखा उत्साह

सेक्टर-34 में योग शिक्षिका गीता गुप्ता के सानिध्य में आयोजित शिविर में बुजुर्गों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सेक्टर-75 की गोल्फ एवेन्यू-1 सोसायटी में अलका चौहान ने तनावमुक्त जीवन और बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष योगासन कराए।

गौर सौन्दर्यम सोसायटी में योग प्रशिक्षिका शिप्रा राम गौर के निर्देशन में सैकड़ों लोगों ने एक साथ कपालभाति और अनुलोम-विलोम का अभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी योग का उत्सव

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चेरी काउंटी सोसायटी में योग प्रशिक्षिका सुषमा के मार्गदर्शन में विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। इसमें बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने भाग लिया और जोड़ों व रीढ़ की समस्याओं से राहत देने वाले योगासनों का अभ्यास किया।

वहीं गौर सिटी में मुन्नी देवी के नेतृत्व में आयोजित योग शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को प्रतिदिन अपने स्वास्थ्य के लिए कम से कम 20 मिनट योग करने का संकल्प दिलाया।

योग को जीवनशैली बनाने का संकल्प

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसायटियों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने साबित किया कि लोगों में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। सभी आयोजनों का समापन विश्व शांति की प्रार्थना और ‘करो योग, रहो निरोग’ के संदेश के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का अभिन्न हिस्सा बनेगा।

Yoga Day 2026: गार्डेनिया ग्लोरी में योग का उत्सव, सीमा रानी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने किया अभ्यास

PKN Live नोएडा, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर नोएडा के सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में बड़े उत्साह के साथ सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग प्रशिक्षिका सीमा रानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सोसाइटी के 100 से अधिक निवासियों ने भाग लिया और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

सुबह आयोजित हुए इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और हल्के व्यायाम से हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग सत्र के दौरान लोगों को नियमित योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।

वर्षों से जारी है स्वास्थ्य जागरूकता का अभियान

योग प्रशिक्षिका सीमा रानी पिछले कई वर्षों से गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। वर्ष 2018 से शुरू हुई यह पहल अब सोसाइटी की एक प्रमुख वार्षिक परंपरा बन चुकी है। इस बार भी योग विद्यार्थियों और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमा रानी ने कहा कि योग स्वस्थ जीवन की आधारशिला है और इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ना और उन्हें निरोग जीवन की ओर प्रेरित करना है।

तुलसी के पौधों के साथ दिया स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

आयोजन के समापन पर प्रतिभागियों को तुलसी के पौधे भेंट किए गए। आयोजकों ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। उपस्थित लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया।

अगले वर्ष और भव्य होगा आयोजन

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से स्वस्थ और सकारात्मक समाज के निर्माण का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में इस कार्यक्रम का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग योग आंदोलन से जुड़ सकें।

प्रमुख बातें

  • गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित।
  • योग प्रशिक्षिका सीमा रानी के नेतृत्व में 100 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा।
  • कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को वितरित किए गए तुलसी के पौधे।
  • योग के साथ स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।

आंधी-बारिश भी नहीं तोड़ सकी पत्रकारों का हौसला, गाजियाबाद में चौथे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना

PKN Live गाजियाबाद: जिला मुख्यालय के बाहर पत्रकारों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। तेज आंधी, बारिश और खराब मौसम जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पत्रकार धरना स्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखा। आंदोलनकारी पत्रकारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

धरने के चौथे दिन मौसम ने आंदोलनकारियों की परीक्षा लेने की पूरी कोशिश की। गुरुवार देर रात अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण धरना स्थल पर की गई कई व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं, लेकिन पत्रकारों के उत्साह और संकल्प में कोई कमी नहीं आई। कई पत्रकार पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे और खराब मौसम के बीच भी अपने आंदोलन को जारी रखा।

पत्रकारों का कहना है कि यह आंदोलन केवल कुछ व्यक्तियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सम्मान की रक्षा से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों और की गई कार्रवाई के मामलों में प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए तथा निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।

धरना स्थल पहुंचे एसीपी सूर्यबली, पत्रकारों से की बातचीत

आंदोलन के चौथे दिन कविनगर के एसीपी सूर्यबली भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रही वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य एवं आंदोलन की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से एसीपी के समक्ष रखा। पत्रकारों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। एसीपी के दौरे के बाद आंदोलनकारियों में उम्मीद जगी कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा।

समाजसेवियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों का बढ़ता समर्थन

जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और वरिष्ठ पत्रकारों का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को कई समाजसेवी, राजनीतिक कार्यकर्ता और मीडिया जगत से जुड़े लोग धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत पत्रकारों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

समर्थन देने वालों में वरिष्ठ समाजसेवी महेश आहुजा, कांग्रेस नेता विनीत त्यागी, वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, शक्ति सिंह और रोहित सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने पत्रकारों की मांगों को उचित बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

समर्थन देने पहुंचे लोगों ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई में समाज का एक बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक उनका सहयोग जारी रहेगा।

अपूर्वा चौधरी बोलीं— पत्रकारों की आवाज दबाई नहीं जा सकती

धरना स्थल पर मौजूद पत्रकारों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अपूर्वा चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का कार्य समाज और प्रशासन के बीच एक सेतु का होता है तथा उनकी आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

अपूर्वा चौधरी ने कहा कि आंधी, बारिश और कठिन परिस्थितियां भी न्याय की इस लड़ाई को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार एकजुट हैं और अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है तथा इसका उद्देश्य केवल न्याय प्राप्त करना है।

खराब मौसम के बीच रातभर बनी आंदोलन की रणनीति

गुरुवार रात खराब मौसम के बावजूद धरना स्थल पर पत्रकारों ने अपनी आगामी रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते उनकी शिकायतों और मांगों पर ध्यान देता तो उन्हें सड़क पर बैठकर संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

पत्रकारों ने कहा कि यह मुद्दा केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं है, बल्कि पूरे पत्रकार समुदाय के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो जाती।

बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद

धरने के चौथे दिन बड़ी संख्या में पत्रकारों की उपस्थिति दर्ज की गई। आंदोलन में पंकज शर्मा, पवन चौधरी, विकास कुमार, ब्रजभूषण, सतीश कुमार, राजीव सिंह, रिहान जैदी, सुमन मिश्रा, उमेश त्यागी, महेश त्यागी, ब्रजभूषण शर्मा, ज्ञान भारद्वाज, सविता चौधरी सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे।

मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, कथित रूप से दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

आंदोलन के अगले चरण पर सबकी नजर

धरना दे रहे पत्रकारों ने संकेत दिए हैं कि यदि प्रशासन की ओर से जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। फिलहाल जिला मुख्यालय के बाहर धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और पत्रकार अपनी मांगों को लेकर एकजुट दिखाई दे रहे हैं।

चार दिनों से लगातार जारी यह आंदोलन अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि पत्रकारों की स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े व्यापक प्रश्नों को भी सामने ला रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।

मुख्य बिंदु:

  • आंधी और भारी बारिश के बावजूद चौथे दिन भी जारी रहा पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना।
  • एसीपी सूर्यबली ने धरना स्थल पहुंचकर पत्रकारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
  • समाजसेवियों, राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों ने आंदोलन को खुला समर्थन दिया।