Sunday, January 18, 2026

Renuka Jagtiani: साधारण परिवार से वैश्विक रिटेल साम्राज्य तक की प्रेरक यात्रा

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PKN Live | भारत की उन महिला उद्यमियों में जिनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है, उनमें Renuka Jagtiani का स्थान बेहद खास है। आज 71 वर्ष की उम्र में भी वह लैंडमार्क ग्रुप जैसे विशाल रिटेल और हॉस्पिटैलिटी नेटवर्क की कमान संभाले हुए हैं। उनकी सफलता का पैमाना इस बात से समझा जा सकता है कि वह वर्तमान में भारत की तीसरी सबसे धनी महिला मानी जाती हैं और उनकी अनुमानित संपत्ति लगभग 50,000 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है।

लेकिन उनकी कहानी केवल संपत्ति या पद तक सीमित नहीं है। यह यात्रा संघर्ष, सीख, धैर्य और सही समय पर सही निर्णय लेने की मिसाल है। इस सफलता की नींव उनके दिवंगत पति मिक्की जगतियानी ने रखी थी, एक ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने लंदन की सड़कों पर टैक्सी चलाने से शुरुआत कर दुनिया के बड़े रिटेल समूहों में से एक खड़ा कर दिखाया।

रेणुका की कहानी इस बात का प्रमाण है कि बड़ा बनने के लिए शुरुआत बड़ी होना जरूरी नहीं, बल्कि सोच और मेहनत बड़ी होनी चाहिए।

मिक्की जगतियानी की शुरुआत: मेहनत और उम्मीदों पर बना सपना

1973 वह साल था जब मिक्की जगतियानी ने अपने सपनों की दिशा तय की। एक सामान्य परिवार में जन्मे मिक्की ने जीवन में कई कठिन दौर देखे थे। आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए कई साल तक उन्हें लंदन में टैक्सी चलानी पड़ी।

लेकिन संघर्ष उनके भीतर के उद्यमी को दबा नहीं सका। उन्होंने दुबई में एक छोटे-से रिटेल स्टोर से लैंडमार्क ग्रुप की नींव रखी। यह शुरुआत साधारण थी, कपड़ों और रोज़मर्रा की जरूरत की चीजों की बिक्री।

उनका विज़न साफ था:
अच्छा सामान, उचित दाम, और ग्राहक का भरोसा।

यह साधारण-सा लगने वाला मॉडल धीरे-धीरे सफल होने लगा। उनकी मेहनत, ग्राहकों की जरूरतों को समझना और सही समय पर सही दिशा में विस्तार करने की क्षमता ने लैंडमार्क ग्रुप को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा दिया।

Renuka Jagtiani का नेतृत्व: स्थिरता, दूरदर्शिता और आधुनिक सोच

मिक्की जगतियानी के जीवनकाल में ही रेणुका ग्रुप का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी थीं। वह कई वर्षों से स्ट्रेटेजी, प्रबंधन, विस्तार और नए बिज़नेस मॉडल पर काम करती रही थीं।

2023 में जब मिक्की नहीं रहे, तो बहुतों को लगा कि इतने बड़े समूह को संभालना शायद मुश्किल हो जाएगा। लेकिन रेणुका ने न केवल स्थिरता बनाए रखी, बल्कि कंपनी को और मजबूत दिशा में आगे बढ़ाया।

उनकी खासियतें हैं:

  • शांत और संतुलित स्वभाव

  • बाजार की गहरी समझ

  • बदलते ट्रेंड्स को अपनाने की क्षमता

  • लंबी अवधि की सोच

इन्हीं गुणों की वजह से लैंडमार्क ग्रुप आज भी वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रहा है।

24 देशों में फैला लैंडमार्क ग्रुप: विविधता और विश्वसनीयता का उदाहरण

लैंडमार्क ग्रुप आज दुनिया के 24 देशों में मौजूद है और इसके 2,200 से अधिक स्टोर अलग-अलग सेगमेंट में ग्राहकों की जरूरतें पूरा कर रहे हैं। यह विस्तार किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कई सेक्टरों में कंपनी की मजबूत पकड़ है।

इसके प्रमुख व्यवसाय क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • फैशन और फुटवियर

  • इलेक्ट्रॉनिक्स

  • बेबी प्रोडक्ट्स

  • होम डेकोर और फर्निशिंग

  • हेल्थ और फिटनेस

  • हॉस्पिटैलिटी

Lifestyle, Max, Babyshop, Home Centre जैसे ब्रांड आज लाखों ग्राहकों के भरोसे का नाम बन चुके हैं।

इसके साथ ही, Renuka Jagtiani ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर विशेष ध्यान दिया। ऑनलाइन शॉपिंग को आसान बनाना, ओमनी-चैनल मॉडल लागू करना और ग्राहक अनुभव बेहतर करने के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, इन सबने लैंडमार्क ग्रुप को आधुनिक दौर में और मजबूत बनाया है।

Renuka Jagtiani की कहानी खास क्यों है?

यदि उनकी सफलता को केवल संपत्ति या कंपनी के विस्तार से देखा जाए तो बात अधूरी रह जाएगी। असल खासियत उनकी सोच और संघर्ष को समझने में है।

उनकी कहानी तीन मुख्य पहलुओं के कारण प्रेरक है:

  1. धैर्य – चुनौतियों के समय शांत रहकर समाधान निकालना।

  2. दूरदर्शिता – बाजार के बदलते स्थितियों को पहले से समझ लेना।

  3. नेतृत्व क्षमता – हजारों कर्मचारियों वाली कंपनी को संतुलन और अनुशासन के साथ संभालना।

रेणुका ने साबित किया कि नेतृत्व केवल आदेश देने का काम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ टीम को आगे ले जाने का नाम है।

पति-पत्नी की साझेदारी: एक सफल टीम की मिसाल

मिक्की और Renuka Jagtiani ने मिलकर लैंडमार्क ग्रुप को जिस मुकाम पर पहुंचाया है, वह आपसी विश्वास और समझ का उदाहरण है। मिक्की की मेहनत और रेणुका की सूझबूझ ने कंपनी को हर दौर में मजबूत बनाकर रखा।

मिक्की के निधन के बाद भी रेणुका ने कंपनी को पीछे नहीं जाने दिया, बल्कि नए अवसरों और नए मार्केट्स के साथ इसे और आगे ले गईं।

आज वह भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं।

रेणुका जगतियानी की कहानी यह सिखाती है कि सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती। 71 साल की उम्र में भी वह उसी ऊर्जा और फोकस के साथ काम कर रही हैं, जिससे कंपनी लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है।

मिक्की जगतियानी के संघर्ष, रेणुका की नेतृत्व क्षमता और दोनों की साझा मेहनत ने एक ऐसा रिटेल साम्राज्य खड़ा किया, जो आने वाले समय में भी प्रेरणा देता रहेगा।

यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरक है, जो जीवन में आगे बढ़ना चाहता है, शुरुआत चाहे कितनी भी छोटी हो, लेकिन प्रयास और ईमानदारी से वह किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकता है।

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