Sunday, January 18, 2026

Jamiat Ulema-e-Hind की भोपाल बैठक में मौलाना महमूद मदनी ने देश के हालात पर जताई गहरी चिंता

Share

PKN Live | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित Jamiat Ulema-e-Hind की राष्ट्रीय शासी निकाय की अहम बैठक में संगठन के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने देश की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में आज जो हालात बन रहे हैं, वे न केवल संवेदनशील हैं, बल्कि खास तौर पर मुसलमान समुदाय के लिए लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं।
इस बैठक में सामाजिक माहौल, सुरक्षा, mob lynching, bulldozer action, waqf properties और madarsa से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

देश की स्थिति पहले से ज्यादा संवेदनशील: मदनी

मदनी ने कहा कि बीते वर्षों में देश के भीतर ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिसमें एक विशेष समुदाय को लक्ष्य बनाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिदृश्य देश की एकता, शांति और सामाजिक संतुलन के लिए ठीक नहीं है।
मदनी के अनुसार कई राज्यों में ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं जिनसे तनाव बढ़ता है और लोगों में असुरक्षा की भावना गहरी होती है। एक समुदाय को सामाजिक और आर्थिक स्तर पर कमजोर करने की कोशिशें समाज को विभाजित करती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं।

Bulldozer Action पर सवाल: न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार करने की चिंता

बैठक में bulldozer action का मुद्दा भी प्रमुख रहा। मदनी ने कहा कि कई राज्यों में बिना उचित न्यायिक प्रक्रिया के घरों और दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोगों में असुरक्षा और भय का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था का पालन होना चाहिए, लेकिन कानून के नाम पर किसी समूह को टारगेट करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने इसे “तुरंत सजा देने” जैसा बताया, जो न्यायपालिका की भूमिका को कमजोर करता है।

Mob Lynching पर बढ़ती घटनाएँ: समाज में अविश्वास गहराता

मौलाना मदनी ने mob lynching की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि भीड़तंत्र पर आधारित हिंसा किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को उसकी पहचान के आधार पर निशाना बनाना कानून के शासन को कमजोर करता है और पूरे देश में भय और अविश्वास को बढ़ाता है।
मदनी का कहना था कि अगर किसी भी समुदाय को सुरक्षा का एहसास न हो, तो यह पूरा देश प्रभावित करता है।

Waqf Properties और Madarsa पर बढ़ते विवाद: राजनीतिकरण का आरोप

बैठक में waqf properties पर बढ़ते कब्ज़ों और madarsa के खिलाफ चल रहे अभियान पर भी चर्चा हुई।
मदनी ने कहा कि मदरसों को लेकर जो नकारात्मक छवि फैलाने की कोशिश की जा रही है, वह वास्तविकता से दूर है।
उन्होंने कहा कि मदरसों ने वर्षों से शिक्षा, सामाजिक सुधार और मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन कुछ समूह उन्हें राजनीतिक मुद्दा बनाकर समुदाय को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुसलमानों में बढ़ती असुरक्षा की भावना

मदनी ने कहा कि आज कई मुसलमान अपने ही देश में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव और national unity तभी संभव है जब देश का हर नागरिक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी आबादी का एक हिस्सा भय में जी रहा हो तो यह पूरे राष्ट्र की प्रगति पर असर डालता है।

उकसावे की राजनीति से दूर रहने की अपील

अपने संबोधन में मदनी ने जमीयत के सदस्यों से अपील की कि वे किसी भी तरह की उकसावे वाली राजनीति से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि देश को आज संवाद, शांति और भाईचारे की जरूरत है। संघर्ष से समाधान नहीं निकलता, बल्कि समाज को और बांटता है।
उन्होंने कहा कि Jamiat Ulema-e-Hind हमेशा से देश की एकता, विविधता और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है, और आगे भी रहेगा।

देश की विविधता को ताकत बनाना जरूरी: मदनी

मदनी ने जोर देकर कहा कि भारत की खूबसूरती उसकी विविधता में है।
उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को अलग-थलग करना या दबाव में रखना न संविधान के अनुकूल है और न ही देश के भविष्य के लिए ठीक है।
भारत कई संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों का देश है और सभी को समान अधिकार देना ही वास्तव में लोकतांत्रिक राष्ट्र की पहचान है।

सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करने का आह्वान

बैठक के अंत में मौलाना मदनी ने सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करें जहाँ किसी भी नागरिक को भय या भेदभाव महसूस न हो।
उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास, शांति और भाईचारा ही वह आधार है जो राष्ट्र को मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि India Diversity, Social Harmony, National Unity जैसे मूल्य तभी जीवित रहेंगे जब देश का हर नागरिक बराबरी और सम्मान की भावना महसूस करेगा।

Read more

Local News