PKN Live | Greater Noida Harsh Firing: ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह खुशी से मातम में बदल गया जब बारात के दौरान की गई हर्ष फायरिंग की गोली 10 वर्षीय मासूम कृष के सिर में जा लगी। नगला चमरू गांव में हुई यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए सदमे की वजह बन गई। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बढ़ रही हर्ष फायरिंग की घटनाओं के बीच यह मामला फिर से सवाल खड़ा करता है कि आखिर कानून के बावजूद लोग क्यों नहीं मानते। इस घटना ने न केवल child safety का मुद्दा उठाया है, बल्कि illegal firing और licensed pistol misuse पर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ग्रेटर नोएडा शादी में गोली लगने की घटना से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार नगला चमरू निवासी सतीश की बेटी की शादी रविवार रात को थी। बारात खैरपुर गांव से आई थी और घुड़चढ़ी की रस्म के दौरान जश्न अपने चरम पर था। घुड़चढ़ी के समय लड़का और लड़की पक्ष के लोग dance और celebration में व्यस्त थे। इसी बीच लाइसेंसी पिस्टल से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी गई। भीड़ में मौजूद 10 वर्षीय कृष प्रजापति बारात देखने आया था। अचानक एक गोली सीधे उसके सिर में आकर लगी और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
गोली लगते ही मचा हड़कंप, परिवार ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया
गोली लगते ही समारोह में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाकर ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्चे को ICU में भर्ती कर उसकी हालत बेहद नाजुक बताई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गोली सिर के महत्वपूर्ण हिस्से में लगी है, जिसके कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह घटना बताती है कि celebratory firing कितनी खतरनाक हो सकती है और licensed weapons का misuse कितनी बड़ी दुर्घटनाओं को जन्म देता है।
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही जारचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी कैलाशनाथ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज की जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल से empty cartridges और अन्य forensic evidence भी जुटाए हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हर्ष फायरिंग किसने शुरू की, किसकी पिस्टल इस्तेमाल हुई और क्या पिस्टल बिल्कुल legal तरीके से चलाई जा रही थी या उसका misuse किया गया।
गांव में तनाव का माहौल, एहतियातन पुलिस बल तैनात
यह घटना सुनते ही गांव के लोग सदमे में आ गए। पूरे नगला चमरू गांव में तनाव और दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों के अनुसार बारात में कई लोग शराब के नशे में धुत थे, जिससे uncontrolled firing हुई। कई लोगों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद समारोहों में illegal firing रोकी नहीं जाती। पुलिस ने एहतियातन गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दिया है ताकि कोई अप्रिय घटना या विवाद न हो। Wedding firing incidents अक्सर गांवों में law and order को प्रभावित करती हैं।
हर्ष फायरिंग पर कानून क्या कहता है
भारतीय कानून के तहत हर्ष फायरिंग एक गंभीर अपराध है। Arms Act, IPC section 336, 337 और 338 के तहत दोषियों को जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद शादियों और समारोहों में celebratory firing एक सामाजिक बुराई बन चुकी है। Licensed pistol या किसी भी हथियार का misuse करने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और सख्त कार्रवाई की जाती है। परंतु ground level पर लोग अक्सर इस कानून की अनदेखी कर देते हैं, और इसी वजह से innocent child injuries और accidental deaths जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, ग्रामीणों ने लगाई कार्रवाई की मांग
मासूम कृष के परिजन इस घटना से बेहद आहत हैं। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार ICU के बाहर अपने बच्चे की हालत को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने भी मांग उठाई है कि पुलिस ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति licensed weapon का इस तरह से misuse करने की हिम्मत न करे। कई ग्रामीणों ने कहा कि बारातों में हथियारों का प्रदर्शन और firing एक trend बन चुका है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल
यह घटना सवाल उठाती है कि बड़े समारोहों में सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं होती। वहां मौजूद लोगों को न तो किसी ने रोका और न ही किसी प्रकार की checking की गई। कई बार शादी आयोजक भी firing को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि इसे वे प्रतिष्ठा से जोड़कर देखते हैं। लेकिन इसका सीधा नुकसान अक्सर निर्दोष बच्चों और महिलाओं को झेलना पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा में बढ़ रहे हर्ष फायरिंग के मामले
Greater Noida crime news की रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में celebratory firing के मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। पुलिस कई बार awareness campaigns चला चुकी है, लेकिन ground level पर इसका असर कम ही दिखाई देता है। कई बार लोग social media पर दिखावे के लिए firing करते हैं, जो बाद में हादसों का कारण बनती है।
घटना से उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं
क्या लाइसेंसी हथियार रखना जिम्मेदारी की भावना खत्म कर देता है
क्या समाज में दिखावे की संस्कृति इतनी हावी हो चुकी है कि लोग अपनी खुशी में दूसरों की जिंदगी दांव पर लगा देते हैं
क्या पुलिस को ऐसे मामलों पर सख्त सजा के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए
इन सवालों के जवाब तभी मिलेंगे जब ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई होगी और समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी के अनुसार फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पिस्टल की ballistic जांच भी की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि firing का वीडियो किसी ने mobile phone पर रिकॉर्ड किया या नहीं, ताकि सटीक प्रमाण जुटाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोरा
नगला चमरू गांव में इस घटना के बाद हर घर में दहशत है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि एक विवाह समारोह में इतना बड़ा हादसा हो सकता है, तो बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। Wedding safety को लेकर पुलिस और प्रशासन को भी एक सख्त नीति बनानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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