Jeffrey Epstein Files पर ट्रम्प का बड़ा बयान: “सिर्फ फोटो से कोई अपराधी नहीं बन जाता”
PKN Live | अमेरिका में Jeffrey Epstein Files को लेकर जारी राजनीतिक और सामाजिक बहस के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा है कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक होने से कई ऐसे लोगों की छवि खराब हो रही है, जिनका उसके अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने साफ कहा कि किसी पार्टी या कार्यक्रम में साथ खिंची गई फोटो किसी गलत रिश्ते का सबूत नहीं होती।
सोमवार को फ्लोरिडा स्थित अपने मशहूर Mar-a-Lago Resort में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा कि एपस्टीन को लेकर मचा हंगामा असल में रिपब्लिकन पार्टी की उपलब्धियों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है।
“मेरी भी एपस्टीन के साथ कुछ फोटोज हैं” – डोनाल्ड ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार किया कि उनकी भी जेफ्री एपस्टीन के साथ कुछ तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा के सोशल सर्किल में कई बड़े कारोबारी, नेता, वकील और सेलेब्रिटी एपस्टीन से मिलते-जुलते थे।
ट्रम्प के मुताबिक, “उस दौर में कई लोग उससे मिलते थे। सिर्फ फोटो होने का मतलब यह नहीं कि किसी का उससे कोई गलत संबंध था। आज इन तस्वीरों को दिखाकर बेगुनाह लोगों की जिंदगी भर की कमाई हुई प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि Jeffrey Epstein Files के नाम पर जो कुछ सामने लाया जा रहा है, वह कई मामलों में तथ्यों से ज्यादा सनसनी पर आधारित है।
बिल क्लिंटन की तस्वीरों पर क्या बोले ट्रम्प?
जब पत्रकारों ने पूछा कि Jeffrey Epstein Files में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की तस्वीरें सामने आने पर उनका क्या रिएक्शन है, तो ट्रम्प का जवाब अपेक्षाकृत नरम रहा।
उन्होंने कहा, “मुझे बिल क्लिंटन पसंद हैं। मेरे उनसे अच्छे रिश्ते रहे हैं। मुझे अच्छा नहीं लगा कि उनकी तस्वीरें इस तरह सामने लाई गईं।” ट्रम्प ने इशारों में कहा कि किसी की पुरानी तस्वीरें दिखाकर उसे अपराध से जोड़ना गलत है।
“साथ फोटो आना गलत रिश्तों का सबूत नहीं”

डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि किसी पार्टी, फंडरेजर या सोशल इवेंट में जेफ्री एपस्टीन के साथ फोटो खिंचवाने से यह साबित नहीं होता कि उस व्यक्ति का उसके यौन अपराधों से कोई संबंध था।
उन्होंने कहा कि आज कई सम्मानित लोग, जिनमें बैंकर, वकील और बिजनेस लीडर्स शामिल हैं, सिर्फ इसलिए निशाने पर हैं क्योंकि वे सालों पहले किसी मौके पर एपस्टीन से मिले थे।
ट्रम्प के मुताबिक, “बहुत से लोग इस बात से गुस्से में हैं कि उनकी तस्वीरें ऐसे इंसान के साथ जोड़ दी गई हैं, जिससे उनका असल में कोई लेना-देना नहीं था। इससे किसी की पूरी जिंदगी की छवि खराब हो सकती है।”
Jeffrey Epstein कौन था और क्यों है विवाद?
जेफ्री एपस्टीन एक बेहद अमीर और रसूखदार फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी, यौन शोषण और सेक्स रैकेट चलाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। उसके संबंध कई ताकतवर नेताओं, उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से बताए जाते रहे हैं।
इसी वजह से Jeffrey Epstein Files को लेकर दुनियाभर में दिलचस्पी और विवाद बना हुआ है।
Epstein Death Controversy: DOJ ने शेयर किया फर्जी वीडियो

इस पूरे मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब अमेरिकी Justice Department (DOJ) ने जेफ्री एपस्टीन की जेल में मौत से जुड़ा एक वीडियो जारी किया। यह वीडियो सिर्फ 12 सेकंड का था और इसमें एक व्यक्ति जेल की कोठरी में आत्महत्या की कोशिश करता हुआ दिख रहा था।
DOJ ने दावा किया कि यह वीडियो 10 अगस्त 2019 सुबह 4:29 बजे का है, यानी एपस्टीन की मौत से करीब दो घंटे पहले का।
हालांकि कुछ ही देर में New York Post समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह सामने आ गया कि यह वीडियो असली नहीं, बल्कि AI Generated Fake Video है।
सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद था फर्जी वीडियो
जांच में पता चला कि यह वीडियो पहले से ही 4chan और यूट्यूब जैसी वेबसाइटों पर मौजूद था। 4chan एक ऑनलाइन इमेजबोर्ड है, जहां लोग बिना नाम बताए पोस्ट कर सकते हैं।
जब इस गलती का खुलासा हुआ, तो DOJ ने आनन-फानन में वीडियो को अपनी वेबसाइट से हटा लिया। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो चुका था और लोगों को लगा कि एपस्टीन की मौत का असली फुटेज सामने आ गया है।
ध्यान से देखने पर वीडियो में कई गड़बड़ियां नजर आईं, जैसे जेल के कपड़ों का अजीब तरीके से जमीन पर पड़ा होना और कोठरी का दरवाजा असली अमेरिकी जेलों से अलग दिखना।
Jeffrey Epstein की मौत: आत्महत्या या हत्या?
एपस्टीन की मौत हमेशा से रहस्य बनी हुई है। जुलाई 2019 में न्यूयॉर्क पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके ठीक एक महीने बाद 10 अगस्त 2019 को वह जेल में मृत पाया गया।
सरकारी रिपोर्ट में कहा गया कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन कई मेडिकल और लॉ एक्सपर्ट्स ने इस दावे पर सवाल उठाए।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि एपस्टीन की गर्दन की कई हड्डियां टूटी हुई थीं। मशहूर फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. माइकल बाडेन ने कहा कि ऐसी चोटें आमतौर पर आत्महत्या में नहीं होतीं, बल्कि यह गला घोंटने जैसा मामला लगता है।
जेल सिक्योरिटी में भी मिली थीं बड़ी खामियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस रात एपस्टीन की मौत हुई, उस रात जेल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई। उसके सेल के बाहर लगे दो कैमरे कई बार खराब हुए।
एक बार करीब तीन मिनट तक कैमरे बंद रहे और जब दोबारा चालू हुए, तब तक एपस्टीन की मौत हो चुकी थी। जारी किए गए CCTV फुटेज में भी एक मिनट का जंप देखा गया, जिसने शक को और गहरा कर दिया।
अमेरिकी टीवी होस्ट जो स्कारबोरो ने ट्वीट किया था, “एक ऐसा इंसान, जिसके पास अमीर और ताकतवर लोगों की जिंदगी तबाह करने वाली जानकारी थी, वह जेल में मरा पाया गया। यह तो रूसी तरीका लगता है।”
3 लाख दस्तावेज जारी, फिर भी कई सवाल बाकी

पिछले शुक्रवार को अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने Jeffrey Epstein Files से जुड़े करीब तीन लाख दस्तावेज जारी किए। यह रिलीज भारतीय समय के अनुसार रात ढाई बजे हुई।
इन दस्तावेजों में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पॉप स्टार माइकल जैक्सन जैसे बड़े नामों की तस्वीरें शामिल थीं। हालांकि रिकॉर्ड्स में डोनाल्ड ट्रम्प का नाम लगभग न के बराबर पाया गया।
दिलचस्प बात यह है कि फरवरी में जारी एपस्टीन के निजी जेट के फ्लाइट लॉग्स में ट्रम्प का नाम सामने आया था, जिसे लेकर सवाल अब भी उठ रहे हैं।
पीड़ितों के इंटरव्यू और सजा से जुड़े दस्तावेज अब भी गायब
हालांकि इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेज जारी होने के बावजूद कई अहम कागजात अभी भी सामने नहीं आए हैं। इनमें एपस्टीन पीड़ितों के FBI इंटरव्यू और वह न्यायिक फैसला शामिल है, जिसमें उसे अपेक्षाकृत हल्की सजा दी गई थी।
इससे यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि शुरुआती जांच ठीक से क्यों नहीं हुई और एपस्टीन को इतनी कम सजा कैसे मिली।
डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाया है कि Jeffrey Epstein Files से ट्रम्प से जुड़ी तस्वीरें हटाकर सरकार कुछ छिपा रही है। विपक्ष ने जस्टिस डिपार्टमेंट पर कवर-अप के आरोप लगाते हुए पूरी पारदर्शिता की मांग की है।
Jeffrey Epstein Files को लेकर विवाद अब सिर्फ एक अपराधी तक सीमित नहीं रह गया है। यह मामला राजनीति, न्याय व्यवस्था, मीडिया और ताकतवर लोगों की जवाबदेही से जुड़ गया है। डोनाल्ड ट्रम्प का बयान इस बहस को और तेज कर रहा है कि क्या सिर्फ फोटो और जान-पहचान के आधार पर किसी को दोषी ठहराया जा सकता है।
आने वाले दिनों में जब और दस्तावेज सामने आएंगे, तब यह साफ होगा कि सच्चाई कितनी बाहर आती है और कितनी अब भी फाइलों में बंद रह जाती है।