PKN Live | गाजियाबाद में हाल ही में हुए एक कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। शालीमार गार्डन इलाके में आयोजित कार्यक्रम में तलवारें बांटे जाने और खुलेआम हथियार दिखाने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी समेत कुल 46 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के मुताबिक, अभी तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। कुछ आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
क्या हुआ था कार्यक्रम में
बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम शालीमार गार्डन क्षेत्र में हुआ। यहां बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। इसी दौरान कुछ लोगों के हाथों में तलवारें देखी गईं। कुछ वीडियो में हथियार लहराते हुए लोग दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यक्रम अचानक हुआ। किसी को इसकी पहले से जानकारी नहीं थी। पुलिस या प्रशासन की मौजूदगी भी मौके पर नहीं थी।
अनुमति नहीं ली गई
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस कार्यक्रम के लिए कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। न ही किसी अधिकारी को इसकी सूचना दी गई थी।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का आयोजन कानून का उल्लंघन है। हथियारों का प्रदर्शन आम लोगों में डर पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया से सामने आया मामला
कार्यक्रम से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डाले गए। इसके बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो तेजी से वायरल हुए और पुलिस तक पहुंचे।
इसके बाद पुलिस ने फुटेज की जांच की। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान शुरू की गई। इसी आधार पर केस दर्ज किया गया।
किस तरह की धाराएं लगीं
इस मामले में पुलिस ने शांति भंग करने, बिना अनुमति कार्यक्रम करने, और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अब यह भी देखा जा रहा है कि तलवारें कहां से लाई गई थीं और किसके कहने पर यह सब हुआ।
10 गिरफ्तार, पूछताछ चल रही
पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर 10 लोगों को पकड़ा है। इनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ अहम नाम अभी भी बाहर हैं। उनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने क्या कहा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी पर बराबर लागू होता है। किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
एक अधिकारी ने बताया कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा
घटना के बाद इलाके में चर्चा है। कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई को सही बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों पर पहले ही नजर रखनी चाहिए।
अब आगे क्या
पुलिस यह जांच कर रही है कि आयोजन किस स्तर पर तय किया गया। क्या इसके पीछे कोई और लोग थे। सोशल मीडिया पर वीडियो डालने वालों की भूमिका भी देखी जा रही है।
गाजियाबाद का यह मामला दिखाता है कि बिना अनुमति कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम मुश्किल खड़ा कर सकता है। पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई कर दी है। आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं।