PKN Live | सहारनपुर में मंगलवार सुबह ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। उत्तर प्रदेश के Saharanpur district की कौशिक विहार कॉलोनी में एक ही घर के भीतर एक साथ पांच लोगों की लाशें मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
जिस घर से रोज़ हंसी-बातचीत की आवाजें आती थीं, वहां सुबह केवल सन्नाटा था। दरवाज़ा अंदर से बंद था और भीतर से कोई हलचल नहीं हो रही थी। कुछ ही घंटों में पुलिस की मौजूदगी और पीली टेप ने साफ कर दिया कि मामला बेहद गंभीर है।
Saharanpur family murder case: एक ही घर में मिलीं पांच लाशें
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतकों में शामिल हैं—
अशोक राठी (40 वर्ष) — संग्रह अमीन
विद्यावती (70 वर्ष) — मां
अंजिता (35 वर्ष) — पत्नी
कार्तिक (16 वर्ष) — बड़ा बेटा
देव (13 वर्ष) — छोटा बेटा
सभी शव एक ही कमरे में बिस्तर पर पड़े मिले। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई बाहरी हमला नहीं था, बल्कि मामला family murder and suicide case in Saharanpur का है।
रात के सन्नाटे में चली गोलियां
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात करीब 2 बजे के आसपास 3 से 4 तेज आवाजें सुनाई दी थीं। कई लोगों ने इसे पटाखा या बाइक साइलेंसर की आवाज समझकर नजरअंदाज कर दिया।
किसी को अंदेशा तक नहीं था कि उन्हीं आवाजों के बीच एक पूरा परिवार मौत के मुंह में समा रहा है।
सुबह खुला खौफनाक सच
सुबह देर तक घर का दरवाज़ा नहीं खुला तो शक गहराया। अशोक राठी की बहन पिंकेश, जो पास ही रहती हैं, ने कई बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद उनके बेटे प्रीत और पिता जयवीर ने रसोई की खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर दोनों के होश उड़ गए।
बिस्तर पर पड़े थे सभी शव
कमरे में मां, पत्नी और दोनों बेटे मृत अवस्था में बिस्तर पर थे। सभी के माथे पर बेहद नजदीक से गोली मारे जाने के निशान मिले।
वहीं अशोक राठी के सीने और कनपटी में गोली लगी हुई थी। मौके से पुलिस ने तीन देसी पिस्टल और 8 से 10 कारतूस के खोखे बरामद किए हैं।
पुलिस का मानना है कि पहले परिवार की हत्या की गई, फिर अशोक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
यह मामला अब Saharanpur murder suicide news के रूप में जांच के दायरे में है।
कौन थे अशोक राठी?
अशोक राठी सहारनपुर की नकुड़ तहसील में Collection Amin के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से नकुड़ क्षेत्र के खारीबांस गांव के निवासी थे।
करीब दो साल पहले वह सरसावा में रह रहे थे। हाल ही में उन्होंने कौशिक विहार कॉलोनी में किराए का मकान लिया था, जहां यह घटना हुई।
मकान शिफ्टिंग बना तनाव की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार में पिछले कुछ समय से मकान बदलने को लेकर तनाव चल रहा था।
- अशोक और उनकी मां गांव के पुराने मकान में रहना चाहते थे
- पत्नी और बच्चे सरसावा में बने नए घर में शिफ्ट होना चाहते थे
- 1 फरवरी से शिफ्टिंग की तैयारी भी शुरू हो चुकी थी
इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद बढ़ रहा था।
डिप्रेशन से लंबे समय से जूझ रहे थे अशोक
परिजनों और पुलिस के अनुसार, अशोक राठी कई वर्षों से मानसिक अवसाद यानी depression mental health issue से जूझ रहे थे।
- उनका इलाज PGI Chandigarh में चल रहा था।
- पिछले वर्ष वह करीब एक महीने तक भर्ती भी रहे थे।
- नियमित मानसिक दवाइयां ले रहे थे।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से पहले परिवार के सदस्यों को नींद की गोलियां दी गई थीं।
WhatsApp audio message से खुला दर्द
घटना से पहले अशोक राठी ने अपनी बहनों पिंकेश और मोना को WhatsApp audio message भेजा था।
ऑडियो में अशोक कहता है—
“मैं मजबूर था। अगर मैं अकेला मरता तो इन्हें कौन संभालता। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है।”
यह ऑडियो अब Saharanpur murder case investigation का अहम सबूत बन चुका है।
पुलिस और प्रशासन का बयान
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर DIG अभिषेक सिंह, DM मनीष बंसल और SSP आशीष तिवारी पहुंचे।
DIG अभिषेक सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह साफ है कि अशोक राठी ने पहले परिवार की हत्या की और फिर आत्महत्या की। मामले की हर एंगल से जांच जारी है।
समाज के सामने खड़ा बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह mental health awareness in India को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
एक पढ़ा-लिखा सरकारी कर्मचारी, जो बाहर से सामान्य दिख रहा था, भीतर से पूरी तरह टूट चुका था।
घरेलू तनाव, संवाद की कमी और मानसिक बीमारी ने मिलकर एक ऐसा विस्फोट किया, जिसमें पूरा परिवार खत्म हो गया।
सहारनपुर का यह सामूहिक हत्याकांड हमें यह सिखाता है कि—
- मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है
- पारिवारिक तनाव समय रहते सुलझाना जरूरी है
- काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग जीवन बचा सकता है
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।