PKN Live नई दिल्ली: देशभर के मजदूर संगठनों और किसान यूनियनों ने 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी भारत बंद का ऐलान किया है। इस दौरान सरकारी बैंक, सार्वजनिक परिवहन, बाजार और कुछ शैक्षणिक संस्थान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की गई है, लेकिन यूनियनों के समर्थन के कारण कई जगह कामकाज धीमा पड़ सकता है।
यह बंद मुख्य रूप से चार नए लेबर कोड्स, निजीकरण, और भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील के विरोध में बुलाया गया है। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस आंदोलन का आह्वान किया है, जिनमें इनटक, एआईटीयूसी, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।
आखिर भारत बंद की वजह क्या है?
मजदूर संगठनों का कहना है कि नए लेबर कोड्स से कामगारों की सुरक्षा कमजोर हुई है। इन कानूनों के चलते:
कर्मचारियों को नौकरी से निकालना आसान हो गया है
स्थायी रोजगार की जगह अस्थायी नियुक्तियां बढ़ेंगी
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर पड़ेंगी
यूनियन अधिकार सीमित हो जाएंगे
संगठन मांग कर रहे हैं कि इन कोड्स को रद्द किया जाए और पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाए। साथ ही ड्राफ्ट सीड बिल, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल और ‘शांति’ न्यूक्लियर बिल वापस लेने की भी मांग उठाई गई है।
क्या बैंक बंद रहेंगे?
भारत बंद का सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों पर पड़ने की संभावना है। बैंक कर्मचारियों के कई बड़े संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है।
संभावित असर:
ब्रांच में स्टाफ कम रह सकता है
चेक क्लीयरेंस में देरी
कैश जमा-निकासी प्रभावित
सरकारी बैंक शाखाओं में काम धीमा
लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि:
RBI ने आधिकारिक बैंक हॉलिडे घोषित नहीं किया
प्राइवेट बैंक सामान्य रूप से चल सकते हैं
ATM, नेट बैंकिंग और UPI सेवाएं जारी रहेंगी
इसलिए ग्राहक ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल करें तो बेहतर रहेगा।
ट्रांसपोर्ट और चक्का जाम की स्थिति
कई राज्यों में चक्का जाम की घोषणा की गई है। इसके चलते:
रोडवेज बस सेवाएं बाधित हो सकती हैं
ऑटो-टैक्सी कम मिलेंगी
हाईवे और शहरों में जाम की स्थिति
हालांकि राहत की बात यह है कि:
अस्पताल
एंबुलेंस
फायर सर्विस
एयरपोर्ट सेवाएं
जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
स्कूल-कॉलेज खुलेंगे या नहीं?
देशभर में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का कोई राष्ट्रीय आदेश नहीं है। फिर भी:
केरल
कर्नाटक
ओडिशा
जैसे राज्यों में कुछ संस्थान स्थानीय स्तर पर बंद रह सकते हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह है कि वे अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर चेक करें।
किसान संगठनों का बड़ा आरोप
संयुक्त किसान मोर्चा और ऑल इंडिया किसान सभा ने भी बंद का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सरकार की ट्रेड पॉलिसी से:
डेयरी सेक्टर पर बुरा असर पड़ेगा
सोयाबीन तेल और पशु आहार का आयात बढ़ेगा
घरेलू किसानों की कमाई घटेगी
किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए भारतीय कृषि हितों से समझौता किया जा रहा है।
DSMRO का आधिकारिक पत्र: मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव भी समर्थन में
दिल्ली सेल्स एंड मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ऑर्गनाइजेशन (DSMRO) ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है। संगठन ने दिल्ली मेडिकल काउंसिल को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखीं।
DSMRO की प्रमुख मांगें:
चारों लेबर कोड्स को रद्द किया जाए
सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए वैधानिक नियम बनें
सरकारी अस्पतालों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के प्रवेश पर लगी रोक हटे
डिजिटल ट्रैकिंग के नाम पर निजता का उल्लंघन बंद हो
सेल्स टारगेट के नाम पर उत्पीड़न रोका जाए
संगठन के महासचिव पी.के. चौरसिया और उपाध्यक्ष पंकज कुमार ने सभी संस्थाओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
आम जनता के लिए सलाह — PKN Live गाइड
बैंक का जरूरी काम आज ही निपटा लें
यात्रा से पहले बस-ऑटो की जानकारी लें
ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करें
स्कूल-कॉलेज का नोटिस चेक करें
May the central government think twice will such labour codes help the working class people revoke the labour code and continue with older 32 labour laws and stand with working class