AK Sharma Video: ऊर्जा मंत्री AK Sharma का वीडियो वायरल, विभागीय सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

PKN Live | AK Sharma Video: उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री AK Sharma का एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। वीडियो में मंत्री अपने ही ऊर्जा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को फोन कर सीधे सवाल करते नजर आ रहे हैं कि क्या जिले की पोस्टिंग के लिए 25 लाख रुपये तक लिए जा रहे हैं।

यह मामला किसी दूसरे विभाग से नहीं, बल्कि सीधे UP Energy Department corruption से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनसुनवाई में पहुंची शिकायत, मंत्री ने तुरंत दिखाई सख्ती

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला अमरोहा जिले से जुड़ा है। जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जब बिजली कनेक्शन में रिश्वतखोरी की शिकायत ऊर्जा मंत्री AK Sharma तक पहुंची, तो उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया।

मंत्री ने तत्काल अधिकारियों से फोन पर बात की और स्पष्ट शब्दों में पूछा कि क्या सच में जिले की तैनाती पैसों के दम पर हो रही है। इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे Uttar Pradesh power department news एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Amroha बिजली कनेक्शन रिश्वत मामला पहुंचा लखनऊ

मामले की जड़ अमरोहा जिले के नौगांव सादात क्षेत्र से जुड़ी है। यहां निवासी मोहम्मद यूसा पुत्र कासिम ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।

आरोप है कि सर्वे के लिए पहुंचे विभागीय लाइनमैन ने कनेक्शन लगाने के बदले पैसों की मांग की। जब पीड़ित ने रिश्वत देने से इनकार किया तो उसने इसकी शिकायत संबंधित जूनियर इंजीनियर Rajeev Singh से की।

यह मामला आगे बढ़ते हुए सीधे Lucknow power department review तक पहुंच गया।

मंत्री के आदेश पर तुरंत कार्रवाई

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने बिना देरी किए कार्रवाई की।

संविदा लाइनमैन की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गईं।
जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है।
एसडीओ और अधिशासी अभियंता से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकार UP electricity bribery case को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

फोन कॉल ने खोली विभागीय सच्चाई?

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मंत्री को यह सवाल अपने ही विभाग के अधिकारी से पूछना पड़ा। वीडियो में जिस तरह से AK Sharma video viral हुआ है, उसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार व्यवस्था में गहराई तक फैला हुआ है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अब यह चर्चा तेज है कि अगर एक मंत्री को खुद अपने अफसर से इस तरह सवाल करना पड़े, तो आम जनता की शिकायतें कितनी गंभीर स्थिति से गुजर रही होंगी।

सरकार की छवि और प्रशासनिक पारदर्शिता की अग्निपरीक्षा

योगी सरकार लगातार zero tolerance on corruption की नीति पर जोर देती रही है। ऐसे में ऊर्जा विभाग से जुड़ा यह मामला सरकार के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की जांच में क्या बड़े अधिकारियों की भूमिका भी सामने आती है या कार्रवाई केवल निचले स्तर तक ही सीमित रहती है।

यह मामला आने वाले दिनों में UP politics news, energy department transfer posting controversy और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़ी बहस का कारण बन सकता है।

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