Sunday, January 18, 2026

Arun Kumar Rai death case: कुठौंद थाने में इंस्पेक्टर की संदिग्ध मौत: महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा जेल भेजी गई, कॉल डिटेल ने खोले कई राज

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PKN Live | Arun Kumar Rai death case : उरई के कुठौंद थाने में तैनात प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। Arun Kumar Rai death case अब उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामला बन चुका है। रविवार को इस केस में मुख्य आरोपी बनाई गई महिला कांस्टेबल Meenakshi Sharma arrest के बाद अदालत में पेशी हुई, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने उससे करीब पांच घंटे की लंबी पूछताछ की लेकिन कई महत्वपूर्ण सवालों पर वह लगातार चुप्पी साधे रही।

घटना की शुरुआत: इंस्पेक्टर आवास में खून से लथपथ शव मिला

शुक्रवार देर रात थाना प्रभारी अरुण कुमार राय अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए थे। उनके सीने पर उनकी सर्विस पिस्टल रखी हुई मिली और पूरा शरीर खून से सना था। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के समय वहां कौन मौजूद था और क्या यह वाकई सुसाइड था या हत्या।

घटना के तुरंत बाद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा आवास से बाहर निकलते हुए सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हुई। वह थाने में भागकर आई और पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। लेकिन उसके आवास में प्रवेश करने का कोई फुटेज अभी तक नहीं मिल सका है, जिससे यह मामला और अधिक पेचीदा हो गया है।

इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय को जैसे ही सूचना मिली, वह मौके पर पहुंचीं और तुरंत मीनाक्षी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एसपी को तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने murder allegation दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी।

पूछताछ में विरोधाभास, आत्मरक्षा जैसे बयान

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हुई पूछताछ में मीनाक्षी ने दावा किया कि जब वह कमरे में पहुंची, तब इंस्पेक्टर पहले से ही घायल हालत में पड़े थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसके बयान कई परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते। यही वजह है कि उसके जवाबों को लेकर UP police investigation में नए सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मीनाक्षी पिछले एक सप्ताह से प्रभारी के आवास में रह रही थी, जबकि उसकी आधिकारिक तैनाती कोंच में थी और वह बिना अनुमति लगभग दस दिनों से ड्यूटी से अनुपस्थित थी। यही जानकारी मामले को और रहस्यमयी बना रही है।

कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड से खुलासे

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने मीनाक्षी और इंस्पेक्टर राय दोनों के मोबाइल फोन की call detail report (CDR) तथा चैट बैकअप की जांच की। कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि मीनाक्षी कई पुलिसकर्मियों के लगातार संपर्क में थी। उसके फोन से कई महत्वपूर्ण चैट मिली हैं, जिनसे यह संदेह बढ़ा है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि योजनाबद्ध साजिश हो सकती है।

सूत्र बताते हैं कि कॉल डिटेल में कई नंबर ऐसे मिले हैं जिन्हें लेकर पुलिस अब अलग से पूछताछ की तैयारी कर रही है। ये सभी रिकॉर्ड SIT inquiry के लिए महत्वपूर्ण सबूत बन चुके हैं।

25 लाख रुपये की मांग और शादी का विवाद

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मीनाक्षी शर्मा की शादी फरवरी 2026 में होनी थी। प्रभारी के परिचितों का कहना है कि वह शादी के खर्च के लिए इंस्पेक्टर पर 25 लाख रुपये देने का दबाव डाल रही थी। वह धमकी दे रही थी कि यदि पैसे नहीं मिले तो वह किसी वीडियो को प्रभारी की पत्नी के पास भेज देगी। इस वजह से इंस्पेक्टर अरुण राय पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे।

परिवारजन और पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद अचानक यह दिल दहला देने वाली घटना हुई।

पहले भी विवादों से जुड़ी रही है महिला कांस्टेबल

यह पहली बार नहीं है जब मीनाक्षी शर्मा किसी आरोप में घिरी हो। पीलीभीत में तैनाती के दौरान भी उसने एक कांस्टेबल पर गंभीर आरोप लगाकर तहरीर दी थी, जिसकी जांच में उसके आरोप सही पाए गए। हालांकि इस घटना के बाद कई पुलिस अधिकारी भी उससे असहमत रहे और उसकी कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते रहे।

किंतु कुठौंद में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय और मीनाक्षी के बीच संबंधों को लेकर कई तरह की बातें पुलिस विभाग में चर्चा का विषय रहीं। यह भी सामने आया कि प्रभारी उसकी कार्यशैली से असंतुष्ट थे और उसे हटाने के लिए रिपोर्ट भी भेज चुके थे।

तीन मोबाइल, चार सिम: जांच में मिला नया कोण

पुलिस की सर्विलांस टीम को महिला कांस्टेबल के पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड मिले। वहीं इंस्पेक्टर राय के पास भी तीन सिम कार्ड पाए गए। सभी के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, बैकअप और क्लाउड डेटा की तकनीकी जांच की जा रही है। यह डेटा suspicious police death की इस जांच में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।

एसआईटी गठित, निष्पक्ष जांच की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है, ताकि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से हो सके। इसके अलावा जालौन सीओ शैलेंद्र वाजपेई भी इस केस की विवेचना कर रहे हैं। दोहरी जांच टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई साक्ष्य छिपाया या नजरअंदाज न किया जाए।

इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि वे इस मामले की सच्चाई सामने आने तक न्यायिक लड़ाई जारी रखेंगे।

रहस्य और गहरा, कई सवाल अनुत्तरित

Arun Kumar Rai death case में अब तक कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ चुके हैं, लेकिन कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या यह आत्महत्या थी या हत्या? क्या मीनाक्षी अकेली शामिल थी या किसी और की भूमिका भी थी? कॉल डिटेल में पकड़े गए नंबर किस दिशा में इशारा करते हैं? और क्या 25 लाख रुपये का विवाद इस घटना की असली वजह था?

UP police investigation और SIT inquiry आने वाले दिनों में इस रहस्यमयी मौत पर नई रोशनी डाल सकती है।

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