Chandra Grahan 2026: आज रात दिखेगा ‘ब्लड मून’, 2029 से पहले आखिरी मौका

Chandra Grahan 2026 के दौरान आज रात आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। पूर्ण चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा लाल रंग में बदल जाएगा, जिसे आम भाषा में ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है।

यह 2029 से पहले पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान ब्लड मून देखने का अंतिम अवसर माना जा रहा है।

🔴 ब्लड मून क्या होता है? (What is Blood Moon?)

जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ती है, तब पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) होता है।

पूर्णता (Totality) के दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरता है और लाल तरंगदैर्ध्य (Red Wavelength) मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती है। यही कारण है कि चंद्रमा लाल दिखाई देता है।

इसी प्रभाव को वैज्ञानिक भाषा में Rayleigh Scattering कहा जाता है।

🕒 चंद्र ग्रहण 2026 का समय (Lunar Eclipse Timing 2026)

चंद्रग्रहण एक धीमी प्रक्रिया है, जो कई चरणों में होता है:

  • आंशिक ग्रहण की शुरुआत: लगभग 75 मिनट

  • पूर्ण चंद्रग्रहण (Totality): लगभग 1 घंटा

  • छाया से बाहर निकलना: लगभग 75 मिनट

कुल मिलाकर यह घटना करीब 3.5 घंटे तक चलेगी।

📍 शिलांग (मेघालय) में चंद्रग्रहण कब दिखेगा?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार:

  • चंद्रोदय: शाम 5:23 बजे

  • पूर्ण चंद्रग्रहण समाप्ति: शाम 6:48 बजे

इसका मतलब है कि शिलांग में लोगों को लगभग 1 घंटा 25 मिनट तक ब्लड मून देखने का अवसर मिल सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार मेघालय के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ या आंशिक बादल रहने की संभावना है, जिससे ग्रहण देखने में कोई बड़ी बाधा नहीं होगी।

🌏 ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ग्रहण

Chandra Grahan 2026
  • पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ग्रहण की शुरुआत चंद्रमा के क्षितिज के नीचे होगी।

  • जैसे-जैसे चंद्रमा ऊपर उठेगा, वह आंशिक छाया में दिखाई देगा।

  • पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में शाम के समय बेहतर दृश्य मिलेगा।

न्यूजीलैंड (Aotearoa)

  • स्थानीय समयानुसार रात 10:50 बजे ग्रहण शुरू होगा।

  • आकाश पूरी तरह अंधेरा होने के कारण यहां ग्रहण का सर्वश्रेष्ठ दृश्य देखने को मिलेगा।

  • चंद्रमा उत्तर दिशा में ऊंचाई पर रहेगा, जिससे साफ अवलोकन संभव होगा।

🔭 क्या चंद्रग्रहण देखने के लिए विशेष उपकरण चाहिए?

नहीं।
चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है
दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर लालिमा और छाया की परतें और स्पष्ट दिखती हैं।

📜 क्या ब्लड मून अशुभ होता है?

इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों में लाल चंद्रमा को अशुभ संकेत माना गया है।
हालांकि, आधुनिक विज्ञान के अनुसार यह एक सामान्य और सुरक्षित खगोलीय घटना है।

चंद्रग्रहण हमें यह याद दिलाता है कि हम एक गतिशील और अद्भुत ब्रह्मांड का हिस्सा हैं।

📅 2029 से पहले आखिरी मौका क्यों?

मंगलवार को लगने वाला यह पूर्ण चंद्रग्रहण 2029 से पहले ब्लड मून देखने का अंतिम अवसर माना जा रहा है।
अगला पूर्ण चंद्रग्रहण जनवरी 2029 की सुबह नए साल के दौरान दिखाई देगा।

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