PKN Live | Congress Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली उस समय विवादों में घिर गई, जब रैली में शामिल कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रैली में जाते वक्त कुछ लोग “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगाते हुए नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
नारे के बाद मचा सियासी बवाल
Delhi: Union Minister Kiren Rijiju says, “We are opponents of each other, not enemies. In 2014, a BJP MP used inappropriate words against an opponent, and Prime Minister Modi immediately asked his MP to apologise… Yesterday, at a Congress rally, there was talk of digging PM… pic.twitter.com/F1EQ9VpltA
— IANS (@ians_india) December 15, 2025
वायरल वीडियो के सामने आते ही भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की मानसिकता का उदाहरण बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह के नारे न सिर्फ अशोभनीय हैं, बल्कि यह कांग्रेस की नकारात्मक और हिंसक सोच को भी उजागर करते हैं। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के नारे विपक्ष को नुकसान पहुंचा सकते हैं, क्योंकि आम जनता ऐसे शब्दों को स्वीकार नहीं करती।
सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला
राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी एक बार फिर अपने असली चरित्र के साथ सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौत की कामना कर रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
त्रिवेदी ने कहा,
“जो पार्टी मोदी जी की कब्र खोदने की बात कर रही है, वह खुद राजनीतिक रूप से दफन होने जा रही है। कांग्रेस की सोच मुस्लिम लीग और माओवादी मानसिकता से प्रेरित है।”
राहुल गांधी की तुलना औरंगजेब से
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करते हुए एक ऐतिहासिक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जैसे मुगल साम्राज्य की छठी पीढ़ी के बाद उसका पतन हो गया, उसी तरह कांग्रेस भी अपने अंत की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने ‘द लास्ट मुगल’ किताब का जिक्र करते हुए कहा कि मुगल वंश में बाबर से लेकर औरंगजेब तक छह शासक हुए और औरंगजेब के बाद मुगल सत्ता खत्म हो गई। त्रिवेदी के अनुसार कांग्रेस पर भी नेहरू परिवार की छह पीढ़ियों ने शासन किया है—मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी। उनका दावा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का भविष्य भी वैसा ही होने वाला है।
नारे लगाने वाली कांग्रेस नेता की सफाई
इस पूरे विवाद के केंद्र में जयपुर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मंजू लता मीणा का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। हालांकि, मंजू लता मीणा ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि वे जनता के गुस्से को व्यक्त कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट चोरी और चुनाव में धांधली को लेकर आवाज उठा रही है। उनके अनुसार भाजपा ने चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी कर सरकारें बनाई हैं और चुनाव आयोग भी दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारे जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति थे, न कि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ हिंसक भावना।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली का उद्देश्य
कांग्रेस की यह रैली चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों के चलते आयोजित की गई थी। राहुल गांधी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। इसी मुद्दे पर उन्होंने 7 अगस्त, 18 सितंबर और 4 नवंबर को तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थीं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को मोदी सरकार की “B टीम” तक कह दिया था। संसद में विशेष चर्चा के दौरान भी उन्होंने SIR (Special Intensive Revision) मुद्दे पर भाजपा को घेरा और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी का बयान: ‘मोदी का आत्मविश्वास खत्म’
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का आत्मविश्वास अब खत्म हो चुका है और भाजपा नेतृत्व को यह डर सताने लगा है कि उनकी “चोरी” पकड़ी जा चुकी है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह और विवेक जोशी भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इनके लिए कानून तक बदल दिए हैं। राहुल ने चेतावनी दी कि जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो इन कानूनों को बदला जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
खड़गे का भावुक बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रैली में भावुक भाषण दिया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का आठ घंटे का ऑपरेशन होना था और परिवार से उन्हें घर आने के लिए फोन भी आया था, लेकिन उन्होंने देश को प्राथमिकता दी।
खड़गे ने कहा,
“मेरे बेटे को कुछ भी हो जाए, लेकिन देश के लोगों को कुछ नहीं होना चाहिए। अगर हम पीछे हटे तो खत्म हो जाएंगे।”
उनके इस बयान को समर्थकों ने बलिदान और समर्पण की भावना के रूप में देखा, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक नाटक बताया।
प्रियंका गांधी का भाजपा पर हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी रैली में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विदेशी नेताओं के साथ तस्वीरें तो खिंचवाते हैं, लेकिन देश की जनता से आंख मिलाने की हिम्मत नहीं रखते।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले कई वर्षों में कांग्रेस द्वारा बनाई गई संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पीएम ऑफिस से जुड़े अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर बेटिंग ऐप चलाने के मामले पर कोई चर्चा क्यों नहीं होती।
कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली का उद्देश्य चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल उठाना था, लेकिन विवादित नारों ने पूरी रैली की दिशा बदल दी। भाजपा ने इसे कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति बताया, जबकि कांग्रेस इसे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बता रही है।
आने वाले दिनों में यह विवाद चुनावी राजनीति में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों दल इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं।


