Saturday, January 17, 2026

EPFO UPI Withdrawal: PF निकालना हुआ आसान, अप्रैल 2026 से मिलेगा बड़ा फायदा

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PKN Live | EPFO UPI Withdrawal: देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) जल्द ही ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसके तहत सदस्य अपने PF withdrawal via UPI कर सकेंगे। यह नई सुविधा अप्रैल 2026 तक लागू होने की उम्मीद है।

इस फैसले से करीब 8 करोड़ EPFO members को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब पीएफ निकालने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी।

UPI से कैसे होगा PF Withdrawal

वर्तमान में EPF सदस्यों को फंड निकालने के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसमें कई बार देरी हो जाती है। लेकिन नई प्रणाली लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी हद तक बदल जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत EPF खाते में एक minimum balance फ्रीज रहेगा, जबकि शेष राशि को सदस्य अपने linked UPI ID के जरिए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। यह ट्रांजैक्शन UPI PIN से सुरक्षित रूप से पूरा होगा।

एक बार पैसा खाते में आने के बाद, सदस्य उस राशि का उपयोग UPI payments, ATM withdrawal या अन्य डिजिटल लेनदेन के लिए कर सकेंगे।

EPFO UPI Withdrawal:  सॉफ्टवेयर सिस्टम पर काम कर रहा EPFO

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, EPFO फिलहाल कुछ software glitches को दूर करने पर काम कर रहा है ताकि नई व्यवस्था बिना किसी रुकावट के लागू हो सके।

एक अधिकारी के मुताबिक, यह सिस्टम लगभग आठ करोड़ सदस्यों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। EPFO पहले से ही auto-settlement mode पर काम कर रहा है, जिसमें तीन दिन के भीतर क्लेम का निपटारा हो जाता है।

Auto-Settlement Limit पहले ही बढ़ाई जा चुकी है

EPFO ने पहले ही auto-settlement claim limit को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। इससे सदस्य बीमारी, पढ़ाई, शादी और मकान निर्माण जैसी जरूरतों के लिए तेजी से पैसा निकाल सकते हैं।

यह सुविधा पहली बार Covid-19 pandemic के दौरान शुरू की गई थी, ताकि जरूरतमंद कर्मचारियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

हर साल 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम करता है EPFO

EPFO हर साल करीब 5 करोड़ से अधिक PF claims का निपटारा करता है। नई UPI आधारित प्रणाली लागू होने के बाद क्लेम फाइल करने की जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी, जिससे कर्मचारियों के साथ-साथ EPFO पर भी प्रशासनिक बोझ कम होगा।

हालांकि, EPFO पूरी तरह से बिना किसी सीमा के पैसा निकालने की अनुमति नहीं दे सकता, क्योंकि उसके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है। इसके बावजूद सरकार का उद्देश्य EPFO सेवाओं को bank-like services के स्तर तक पहुंचाना है।

PF Partial Withdrawal Rules हुए आसान

अक्टूबर 2025 में EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था Central Board of Trustees (CBT) ने partial withdrawal नियमों को सरल बनाने को मंजूरी दी थी। इसके बाद केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी।

अब पहले की 13 जटिल शर्तों को घटाकर केवल तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

Essential Needs – बीमारी, शिक्षा, विवाह
Housing Needs – घर से जुड़ी जरूरतें
Special Circumstances – विशेष परिस्थितियां

अब 100 प्रतिशत तक PF निकाल सकेंगे सदस्य

नई व्यवस्था के तहत EPF सदस्य अपनी पात्र राशि का 100 percent PF withdrawal कर सकेंगे, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान शामिल होगा।

हालांकि, खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि minimum balance के रूप में बनी रहेगी, जिस पर वर्तमान दर से 8.25 percent annual interest मिलता रहेगा।

इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य जरूरत के समय पैसा भी निकाल सकें और उनका retirement corpus भी सुरक्षित बना रहे।

Ease of Living को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

सरकार और EPFO का मानना है कि zero documentation, तेज प्रोसेस और 100 percent auto-settlement जैसी सुविधाएं आम कर्मचारियों के जीवन को काफी आसान बनाएंगी।

UPI से PF निकालने की सुविधा लागू होने के बाद EPFO इतिहास के सबसे बड़े डिजिटल सुधारों में से एक माना जा रहा है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधे और त्वरित वित्तीय राहत मिलेगी।

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