Sunday, January 18, 2026

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के बयान पर बढ़ा विवाद, तलवार वितरण के समर्थन से मचा सियासी और सामाजिक घमासान

Share

PKN Live | उत्तर प्रदेश के Ghaziabad स्थित Dasna Devi Temple के महंत Yati Narsinghanand Saraswati एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला हिंदू संगठनों द्वारा तलवार वितरण के समर्थन और उससे जुड़े कथित भड़काऊ शब्दों को लेकर है। बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक हलकों तक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब यति नरसिंहानंद का नाम विवादों में आया हो। इससे पहले भी उनके भाषणों और सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर कई बार कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक मर्यादा पर सवाल खड़े होते रहे हैं। ताजा मामला एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक जिम्मेदारी और कानून की सीमाओं को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

तलवार वितरण के समर्थन में बयान, बढ़ी चिंता

हाल ही में सामने आए एक वीडियो और सार्वजनिक बयान में यति नरसिंहानंद ने हिंदू संगठनों द्वारा किए गए तलवार वितरण कार्यक्रम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल प्रतीकात्मक नारों या आयोजनों से समाज सुरक्षित नहीं रह सकता और हिंदू समाज को अब अपनी रक्षा के लिए संगठित होना होगा।

बयान के दौरान उन्होंने ऐसे उदाहरणों का जिक्र किया, जिन्हें कई लोगों ने आपत्तिजनक और उकसाने वाला बताया। खास तौर पर आत्मघाती दस्तों और आतंकी संगठनों जैसे संदर्भों का उल्लेख किए जाने को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज की गई। Critics का कहना है कि इस तरह की भाषा Violence Provocation और Hate Speech के दायरे में आ सकती है।

Security Experts का मानना है कि सार्वजनिक मंच से कही गई इस तरह की बातें युवाओं के मन में आक्रोश और भ्रम पैदा कर सकती हैं, जिसका असर जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, प्रतिक्रियाओं की बाढ़

जैसे ही यति नरसिंहानंद का बयान सामने आया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो गई। Twitter, Facebook और YouTube पर बयान को लेकर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स ने इसे भड़काऊ और समाज को तोड़ने वाला करार दिया, तो वहीं कुछ समर्थकों ने इसे Self Defence और Religious Assertion से जोड़ते हुए बचाव किया।

हालांकि, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और प्रतिक्रियाओं पर नजर डालें तो नकारात्मक प्रतिक्रिया का पलड़ा भारी रहा। कई नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने सवाल उठाया कि धार्मिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कितना उचित है। Ghaziabad Controversy News से जुड़े हैशटैग कई घंटों तक ट्रेंड करते रहे।

राजनीतिक दलों का तीखा हमला

राजनीतिक दलों ने भी इस बयान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विपक्षी दलों ने यति नरसिंहानंद के बयान को समाज में नफरत फैलाने वाला बताया और इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा करार दिया।

Opposition Leaders का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देती हैं और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बयान की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से आधिकारिक बयान भले ही सीमित रहा, लेकिन कुछ नेताओं ने यह जरूर कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि बयान कानून की सीमा लांघता है तो कार्रवाई होनी चाहिए।

हिंदू संगठनों के भीतर भी मतभेद

इस पूरे विवाद में दिलचस्प बात यह रही कि हिंदू संगठनों के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आए। कुछ संगठनों ने तलवार वितरण को सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक कार्यक्रम बताते हुए समर्थन किया, लेकिन बयान में इस्तेमाल किए गए शब्दों से दूरी बना ली।

कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे हिंसा या उग्रवाद के समर्थक नहीं हैं। उनका कहना है कि समाज की सुरक्षा पर चर्चा अलग बात है, लेकिन भाषा और मंच का चयन बेहद अहम होता है। Sword Distribution Support विवाद ने संगठनों के भीतर वैचारिक अंतर को उजागर कर दिया है।

कानूनी पहलू, प्रशासन की बढ़ी सतर्कता

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई सार्वजनिक बयान सीधे तौर पर हिंसा को बढ़ावा देता है या किसी समुदाय को उकसाने का काम करता है, तो वह भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय हो सकता है।

Police Sources के अनुसार, यति नरसिंहानंद के बयान और वीडियो की जांच की जा रही है। Cyber Cell भी सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की पड़ताल कर रही है। प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि बयान का संदर्भ क्या था और क्या उसमें कानून उल्लंघन के तत्व मौजूद हैं।

पहले भी यति नरसिंहानंद पर कई मामलों में FIR दर्ज हो चुकी हैं। ऐसे में यह मामला प्रशासन के लिए संवेदनशील माना जा रहा है। Legal Action on Hate Speech को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं।

पहले भी विवादों से रहा है नाता

यति नरसिंहानंद का नाम लंबे समय से विवादों से जुड़ा रहा है। इससे पहले भी उनके भाषणों और टिप्पणियों को लेकर कई बार सामाजिक तनाव की स्थिति बनी है। कुछ मामलों में उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जबकि कई केस अभी जांच के दायरे में बताए जाते हैं।

लगातार विवादों में रहने के कारण उनका नाम अब ऐसे धार्मिक नेता के रूप में लिया जाने लगा है, जिनके बयान अक्सर टकराव और विवाद को जन्म देते हैं। Dasna Temple Mahant Controversy अब एक स्थायी पहचान की तरह बनता जा रहा है।

समाज पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता

Sociologists और Social Experts का मानना है कि इस तरह के बयान समाज पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। खासकर युवा वर्ग पर इसका प्रभाव अधिक होता है, जो भावनात्मक रूप से जल्दी प्रभावित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब धार्मिक मंचों से आक्रामक और उग्र भाषा का इस्तेमाल होता है, तो वह समाज में असहिष्णुता को बढ़ावा दे सकता है। कई सामाजिक संगठनों ने अपील की है कि धार्मिक नेताओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक जिम्मेदारी

यह पूरा विवाद एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आया है कि Freedom of Speech की सीमा कहां तक है और सामाजिक जिम्मेदारी कहां से शुरू होती है। जहां समर्थक इसे विचारों की अभिव्यक्ति बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक मंच से कही गई हर बात का असर समाज पर पड़ता है।

कानूनी जानकारों के मुताबिक, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है और यदि कोई बयान सार्वजनिक शांति भंग करने या हिंसा को बढ़ावा देने वाला हो, तो उस पर रोक लगाई जा सकती है।

गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद का ताजा बयान एक बार फिर यह स्पष्ट करता है कि धार्मिक प्रभाव और सार्वजनिक बयान कितनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ आते हैं। तलवार वितरण के समर्थन में दिया गया बयान अब केवल एक व्यक्ति की राय नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बन चुका है।

अब सबकी निगाहें प्रशासन और कानून पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है। इतना तय है कि यह विवाद आने वाले दिनों में भी सुर्खियों में बना रहेगा और समाज में अभिव्यक्ति, आस्था और जिम्मेदारी को लेकर चर्चा को और तेज करेगा।

Read more

Local News