PKN Live | हरदोई जिले में शनिवार की सुबह ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ जिसने तीन परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया तिराहा के पास तेज रफ्तार डम्पर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में भाई, बहन और उनकी मौसी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डम्पर को स्टार्ट हालत में छोड़कर फरार हो गया।
खुशियों भरे माहौल से निकला था परिवार
ग्राम फतियापुर निवासी आदर्श पाण्डेय नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। वह परिवार के बेहद जिम्मेदार और मिलनसार युवक माने जाते थे। दो दिन पहले ही वह अपने चचेरे भाई के तिलक समारोह में शामिल होने गांव आए थे। घर में रिश्तेदार जुटे हुए थे, हंसी-खुशी का माहौल था और शादी की तैयारियां चल रही थीं।
इसी बीच उनकी छोटी बहन मधु की CTET परीक्षा लखनऊ में तय थी। मधु शिक्षक बनना चाहती थी और इस परीक्षा को लेकर बहुत उत्साहित थी। परिवार ने तय किया कि आदर्श खुद बहन को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने जाएंगे ताकि वह सुरक्षित और समय से पहुंच सके। साथ में मौसी कामिनी भी चलने को तैयार हो गईं।
आखिरी सफर बन गया लखनऊ का रास्ता
शनिवार तड़के तीनों बाइक से लखनऊ के लिए निकले। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनका अंतिम सफर साबित होगी। सुबह करीब 7 बजे जैसे ही वे ढोलिया तिराहा के पास पहुंचे, सामने से आ रहे तेज रफ्तार डम्पर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक कई मीटर दूर जा गिरी और तीनों सड़क पर लहूलुहान हो गए।
आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। यह मंजर देखकर हर किसी की आंखें भर आईं।
चालक मौके से फरार
हादसे के तुरंत बाद डम्पर चालक वाहन को चालू हालत में छोड़कर भाग निकला। सूचना मिलते ही सुरसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने डम्पर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वाहन नंबर के आधार पर मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मधु का टूटा सपना
मधु पढ़ाई में बहुत होनहार थी। उसका सपना था कि वह शिक्षक बनकर समाज में अपनी अलग पहचान बनाए। परिवार के लोग बताते हैं कि उसने CTET की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत की थी। परीक्षा को लेकर वह बेहद उत्साहित थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
आदर्श अपने परिवार का सहारा थे। नोएडा में रहकर वह घर की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। मौसी कामिनी भी तिलक समारोह में शामिल होने आई थीं। एक साथ तीन मौतों ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया है।
इलाके में शोक की लहर
घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। जिस घर में एक दिन पहले तक शादी के गीत गूंज रहे थे, वहां अब सिर्फ सिसकियां हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि ढोलिया तिराहा पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी ठोस कदम नहीं उठाए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस चौराहे पर स्पीड ब्रेकर, सख्त ट्रैफिक निगरानी और भारी वाहनों पर नियंत्रण की व्यवस्था की जाए, ताकि आगे किसी और परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े।
बढ़ते सड़क हादसों पर गंभीर सवाल
उत्तर प्रदेश में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। खासकर डम्पर और ट्रकों की अनियंत्रित गति आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन, ड्राइवरों की नियमित जांच और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती बेहद जरूरी है।
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सवाल है। अगर समय रहते कड़े कदम उठाए गए होते तो शायद मधु आज परीक्षा दे रही होती और आदर्श अपने परिवार के बीच होते।
प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें, हेलमेट का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। एक छोटी सी लापरवाही कई जिंदगियां खत्म कर देती है।
यह हादसा याद दिलाता है कि सपने, रिश्ते और जिंदगी कितनी नाजुक होती है। बहन का भविष्य बनाने निकला भाई खुद काल का शिकार हो गया—यह दर्द हर संवेदनशील इंसान को झकझोर देता है।