PKN Live लखनऊ (UP News): उत्तर प्रदेश में गौशालाओं की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष डॉ. आलोक गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य की सभी गौशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने की मांग की है ताकि गौसेवा और गौसंवर्धन से जुड़े कार्य सुचारू रूप से जारी रह सकें।
गौशालाओं की स्थिति चिंताजनक
डॉ. आलोक गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा कि प्रदेश की कई गौशालाओं में वर्तमान वित्तीय सहायता के अभाव में गौमाताओं की देखभाल, आहार और चिकित्सा में कठिनाइयाँ बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि “महंगाई के कारण गौशालाओं का संचालन बेहद कठिन हो गया है। वर्तमान अनुदान राशि से न तो भोजन का खर्च निकल पाता है, न ही चिकित्सा और रखरखाव का।”
कई संचालक दान या उधार के सहारे गौसेवा चला रहे हैं, जिससे गौशालाओं की स्थिति और दयनीय हो रही है।
“गौसेवा केवल धर्म नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है”
डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों की आधारशिला हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि गौशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि को कम से कम ₹100 प्रति गौ प्रतिदिन किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से गौमाताओं को बेहतर भोजन, इलाज और आश्रय मिल सकेगा, और गौसेवकों का मनोबल भी बढ़ेगा।
योगी सरकार से उम्मीदें
पत्र में डॉ. गुप्ता ने यह भी लिखा कि योगी सरकार ने पहले ही गौसंवर्धन और संरक्षण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं —
जैसे कि बेसहारा गौवंश के लिए गौशालाओं की स्थापना, नगर निगम और पंचायत स्तर पर गौसेवा निधि, और घायल गौमाताओं के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स।
हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि इन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वित्तीय सहयोग में वृद्धि आवश्यक है।
“गौसेवा जनजागरण अभियान” और “गौसेवक दल” की तैयारी
डॉ. आलोक गुप्ता ने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) आने वाले समय में “गौसेवा जनजागरण अभियान” शुरू करने जा रही है।
इस अभियान का उद्देश्य जनता में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकार तक गौशालाओं की समस्याओं को पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से “गौसेवक दल” का गठन किया जा रहा है, जो प्रदेशभर में जाकर गौशालाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा और उनकी जरूरतों को सरकार तक पहुँचाएगा।
मुख्यमंत्री योगी से अपील
पत्र के अंत में डॉ. आलोक गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा —
“गौसेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि एक मानवीय दायित्व है। यदि सरकार वित्तीय सहायता बढ़ाती है, तो यह न केवल गौमाताओं बल्कि हजारों गौसेवकों के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बनेगा।”
उन्होंने अपने पत्र का समापन “जय गौ माता” और “जय श्री कृष्ण” के उद्घोष के साथ किया।
डॉ. आलोक गुप्ता की यह पहल केवल आर्थिक सहायता की मांग नहीं, बल्कि गौसंरक्षण की दिशा में एक संवेदनशील कदम है।
यदि योगी सरकार इस प्रस्ताव पर अमल करती है, तो यह उत्तर प्रदेश की गौशालाओं और गौसेवकों के लिए नई आशा की किरण साबित हो सकती है।


