PKN Live | गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर इलाके में हुए गोलीकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस व्यक्ति ने खुद को पीड़ित बताकर पत्नी पर हमले की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरी साजिश का सूत्रधार निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि पति ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए गोली चलवाई थी। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से अवैध पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि
26 जनवरी 2026 को हरिशंकर नाम के व्यक्ति ने लोनी बॉर्डर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पत्नी संजू के साथ बाजार से लौट रहा था, तभी दो अज्ञात युवकों ने उसकी पत्नी पर गोली चला दी। महिला घायल हो गई और इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और घटना के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच कैसे आगे बढ़ी
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद ली। धीरे-धीरे शक की सुई शिकायतकर्ता हरिशंकर पर ही घूमने लगी। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ा तो पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश के रूप में सामने आया।
1 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ युवक इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से .32 बोर की एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
विनीत राजपूत – निवासी ग्राम टूकाली, बागपत
विभोर शर्मा – निवासी इंद्रापुरी, लोनी बॉर्डर
हरिशंकर उर्फ सोनू – शिकायतकर्ता व मुख्य साजिशकर्ता
राज बैसला – निवासी यम विहार, लोनी
अर्जुन – निवासी राम विहार, लोनी
पूछताछ में सामने आई सच्चाई
पुलिस की सख्त पूछताछ में हरिशंकर टूट गया और उसने पूरा सच उगल दिया। उसने बताया कि उसे अपनी पत्नी के किसी से अवैध संबंध होने का शक था। इसी वजह से उसने पत्नी को मारने की योजना बनाई। उसने अपने परिचितों विनीत, राज और अर्जुन को साथ मिलाया और विभोर शर्मा से पिस्टल का इंतजाम किया।
योजना के अनुसार 25 जनवरी को जब वह पत्नी के साथ बाजार से लौट रहा था, तभी विनीत ने पीछे से गोली चला दी। इसके बाद खुद को बचाने के लिए उसने अज्ञात लोगों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी, ताकि मामला किसी और पर चला जाए।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बरामद पिस्टल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हथियार कहां से खरीदा गया और इस गिरोह के तार कहीं और तो नहीं जुड़े हैं।
आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विभोर शर्मा पहले से ही आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 20 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें लूट, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना पारिवारिक अविश्वास और गलत मानसिकता का नतीजा है। कानून को अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी पारिवारिक विवाद को बातचीत या कानूनी तरीके से सुलझाएं, न कि हिंसा का सहारा लें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इस खुलासे के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। सभी को लग रहा था कि यह बाहरी बदमाशों का काम है, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद लोग स्तब्ध हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेगी। यह भी देखा जाएगा कि कहीं पहले भी इस तरह की कोई घटना तो नहीं हुई। मजबूत साक्ष्यों के साथ चार्जशीट तैयार की जा रही है ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।


