मुख्य बिंदु
मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी 2026, गुरुवार को उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित
यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत मान्य होगा
वर्ष 2026 की पूर्व घोषित अवकाश सूची में आंशिक संशोधन करते हुए यह निर्णय लिया गया
PKN Live | उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर वर्ष 2026 में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई है। यह निर्णय पहले से घोषित अवकाशों की सूची में संशोधन करते हुए लिया गया है, ताकि मकर संक्रांति पर्व को विधिवत सार्वजनिक अवकाश का दर्जा दिया जा सके।
विज्ञप्ति के अनुसार, सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा पूर्व में 17 नवम्बर 2025 को वर्ष 2026 के लिए अवकाशों की सूची जारी की गई थी। उस सूची के परिशिष्ट-2(II) में वर्ष 2026 के लिए निर्धारित अवकाशों का उल्लेख किया गया था। अब उसी सूची में आंशिक संशोधन करते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर दिनांक 15 जनवरी 2026, गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्य होगा। इसका अर्थ यह है कि इस दिन राज्य सरकार के कार्यालयों के साथ-साथ बैंक, कोषागार और अन्य संबंधित संस्थान भी सामान्यतः बंद रहेंगे, जैसा कि सार्वजनिक अवकाश के दौरान होता है।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि मकर संक्रांति से एक दिन पहले, अर्थात 14 जनवरी 2026, बुधवार को घोषित अवकाश को सरकार द्वारा पुनः विचार के बाद संशोधित किया गया। शासन के स्तर पर मकर संक्रांति के पर्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना अधिक उपयुक्त होगा। इसी कारण से पहले घोषित व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया गया है।
इस निर्णय के परिणामस्वरूप, सामान्य प्रशासन अनुभाग की 17 नवम्बर 2025 की विज्ञप्ति को इस सीमा तक संशोधित माना जाएगा। यानी वर्ष 2026 के लिए जारी अवकाशों की सूची में अब मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी 2026 का सार्वजनिक अवकाश आधिकारिक रूप से सम्मिलित हो गया है।
शासन द्वारा जारी इस आदेश पर प्रमुख सचिव के हस्ताक्षर हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह निर्णय उच्च स्तर पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। साथ ही, आदेश की प्रतिलिपि विभिन्न संवैधानिक और प्रशासनिक पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी गई है।
इनमें अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के सभी विभाग, राज्यपाल के प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के महाधिवक्ता, महालेखाकार, विधान सभा और विधान परिषद के संबंधित अधिकारी, सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा सचिवालय के सभी अनुभाग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को इस विज्ञप्ति का व्यापक प्रसार एवं प्रचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जिसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के रूप में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में यह पर्व धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना जनभावनाओं के अनुरूप कदम माना जा रहा है।
यह निर्णय न केवल सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता, व्यापारिक संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि इससे उन्हें अपने कार्य और आयोजनों की पूर्व योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।
संक्षेप में, उत्तर प्रदेश सरकार का यह आदेश वर्ष 2026 में मकर संक्रांति के अवसर पर अवकाश को लेकर स्थिति को स्पष्ट करता है और पहले से जारी अवकाश सूची में आवश्यक संशोधन प्रस्तुत करता है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एकरूपता बनी रहेगी और पर्व को शांतिपूर्ण तथा उत्साहपूर्वक मनाने में सहायता मिलेगी।


