Meerut Vigilance Action: सिंचाई विभाग का JE 2 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, 10 लाख बरामद

PKN Live | सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान JE की जेब और कार से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई है।

विजिलेंस टीम को कुल करीब 10 लाख रुपए कैश मिला है, जिससे विभाग में भ्रष्टाचार की गहराई उजागर हो गई है।

JE की जेब और कार से मिले 8 लाख से ज्यादा नकद

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार JE बृजराज सिंह के पास से—

  • रिश्वत की रकम: 2 लाख रुपए

  • जेब से बरामद: 54 हजार रुपए

  • कार से बरामद: 7.46 लाख रुपए

इस तरह कुल करीब 10 लाख रुपए नकद जब्त किए गए हैं। यह मामला अब Meerut corruption case के रूप में चर्चा में है।

ठेकेदार से पेमेंट के बदले मांगी गई थी रिश्वत

विजिलेंस अफसरों ने बताया कि JE बृजराज सिंह ने एक ठेकेदार से उसके लंबित भुगतान (payment clearance) के बदले रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार को काफी समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर ठेकेदार ने आखिरकार Vigilance complaint Meerut में शिकायत दर्ज कराई।

कैसे बिछाया गया विजिलेंस ट्रैप

Meerut Irrigation Engineer Arrested Taking Rs 2 Lakh Bribe

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पूरी रणनीति तैयार की। तय योजना के तहत ठेकेदार को 2 लाख रुपए के साथ JE के पास भेजा गया। नोटों पर पहले ही केमिकल लगाया गया था।

जैसे ही JE ने रिश्वत की रकम लेकर अपनी दराज में रखी, विजिलेंस टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया। यह पूरा मामला bribery trap operation के तहत अंजाम दिया गया।

पकड़े जाने के बाद धमकाने लगा JE

Meerut Irrigation Engineer Arrested Taking Rs 2 Lakh Bribe

सूत्रों के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद JE बृजराज सिंह ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए विजिलेंस टीम को धमकाने की कोशिश भी की। हालांकि अधिकारी उसके दबाव में नहीं आए और नियमानुसार कार्रवाई की गई।

फिलहाल आरोपी JE से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।

मछरी माइनर सफाई कार्य से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा मामला मवाना निवासी ठेकेदार अंकुर सिंह से जुड़ा है, जिनकी फर्म डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से पंजीकृत है। फर्म सिंचाई विभाग के सिविल कार्यों के टेंडर लेती है।

पिछले साल गाजियाबाद क्षेत्र में स्थित मछरी माइनर की सफाई का कार्य उन्हें मिला था।

टेंडर और काम का विवरण

  • कार्य क्षेत्र: 0.800 किमी से 1.600 किमी

  • टेंडर राशि: 8,03,644 रुपए

  • काम शुरू: 1 दिसंबर 2025

  • काम पूरा: 30 दिसंबर 2025

काम पूरा होने के बाद जब ठेकेदार ने विभाग में भुगतान के लिए संपर्क किया, तभी रिश्वत की मांग शुरू हो गई।

आधा पेमेंट, बाकी पैसे के लिए रिश्वत की डिमांड

ठेकेदार के अनुसार, JE ने कहा कि पहले आधा काम दिखाकर आधा पेमेंट कराया जाएगा। शेष भुगतान तभी होगा जब “हिस्सा” दिया जाएगा।

करीब 7.54 लाख रुपए का भुगतान होना था।
14 जनवरी 2026 को आंशिक रूप से करीब 4.32 लाख रुपए खाते में आए। जीएसटी और लेबर सेस कटने के बाद 3.71 लाख रुपए बाकी रह गए।

इसी शेष भुगतान के बदले 3 लाख रुपए रिश्वत मांगी जा रही थी।

2 लाख दिए, फिर 1 लाख और लाने का दबाव

ठेकेदार ने बताया कि विजिलेंस के निर्देश पर वह 2 लाख रुपए लेकर JE के पास गया। लेकिन JE ने एक लाख रुपए और लाने की बात कहते हुए धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो—

  • 31 मार्च तक भी पेमेंट नहीं होगा

  • आगे कोई काम नहीं मिलेगा

इसी दौरान विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई कर दी।

पूछताछ जारी, भ्रष्टाचार पर बड़ा खुलासा

कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम आरोपी JE को थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला government department corruption, irrigation department bribery case और Meerut vigilance raid से जुड़ा गंभीर प्रकरण माना जा रहा है।

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।

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