PKN LIVE : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार को रिलायंस जियो के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक टेलीकोम आधारित अलर्ट सिस्टम लागू करना है। इस समझौते के तहत, जियो के 4G और 5G नेटवर्क का उपयोग करते हुए, यात्रा करने वाले व्यक्तियों को उनके मोबाइल फोन पर खतरनाक क्षेत्रों जैसे दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र, मवेशी ज़ोन, धुंध वाले इलाके और आपातकालीन डायवर्जन के बारे में अलर्ट मिलेगा।
टेलीकोम अलर्ट सिस्टम का उद्देश्य
NHAI के बयान में कहा गया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले व्यक्तियों को समय पर जानकारी मिल सके। इससे वे अपनी गति और ड्राइविंग व्यवहार को पहले से बेहतर ढंग से समायोजित कर सकेंगे।
इस प्रणाली के तहत, यात्रियों को SMS, WhatsApp, और उच्च प्राथमिकता वाले कॉल के जरिए अलर्ट भेजे जाएंगे। यह अलर्ट सिस्टम धीरे-धीरे NHAI के डिजिटल प्लेटफार्मों, जैसे कि ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1033 से भी एकीकृत किया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
यह ऑटोमेटेड सुरक्षा अलर्ट सिस्टम सभी जियो उपयोगकर्ताओं के लिए काम करेगा, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा कर रहे हैं या उनके पास से गुजर रहे हैं। यह उन्हें खतरनाक ज़ोन में प्रवेश करने से पहले चेतावनी देगा। यह समाधान मौजूदा टेलीकोम टावर्स का उपयोग करेगा और इसे अतिरिक्त रोडसाइड हार्डवेयर के बिना जल्दी लागू किया जा सकेगा।
इस प्रणाली की तैनाती जियो की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाएगी, जो देशभर में 500 मिलियन से अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके द्वारा, सड़क सुरक्षा में एक नई क्रांति आएगी, जिससे लाखों यात्रियों की जिंदगी को बचाया जा सकेगा।
NHAI का भविष्य का कदम
NHAI ने यह भी बताया कि वह अन्य टेलीकोम सेवा प्रदाताओं के साथ भी इसी तरह की पहल करने की योजना बना रहा है। इस कदम से उम्मीद है कि सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा में सुधार होगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों में कमी आएगी।
NHAI और जियो के बीच साझेदारी का महत्व
यह साझेदारी NHAI के डिजिटल दृष्टिकोण और जियो की तकनीकी क्षमताओं का एक बेहतरीन मिश्रण है। जियो की टेलीकोम नेटवर्क के जरिए सड़क सुरक्षा को लेकर एक नई शुरुआत हो रही है, जो कि बिना किसी बड़ी अवसंरचना की आवश्यकता के प्रभावी ढंग से काम करेगा। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि यह यातायात नियंत्रण और सड़क की स्थितियों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का एक अहम कदम भी होगा।
NHAI का डिजिटल परिवर्तन
NHAI ने डिजिटल प्लेटफार्मों का विस्तार करते हुए कई नई सुविधाओं का विकास किया है। ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप और हेल्पलाइन नंबर 1033 के जरिए यात्रा करने वाले व्यक्तियों को उनके मार्ग पर होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी मिलती है। इस प्रणाली के तहत, यात्रियों को न केवल सड़कों की स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपने यात्रा अनुभव को और भी सुरक्षित बना सकेंगे।
भविष्य की दिशा
इस नई टेलीकोम सुरक्षा पहल से NHAI को यह उम्मीद है कि इसके माध्यम से सड़क सुरक्षा को एक नई दिशा मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना अन्य राज्यों और क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती है, जिससे समग्र सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। जियो और NHAI की यह साझेदारी यह दिखाती है कि तकनीकी नवाचार सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिससे यात्री अपनी यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं।


