Sunday, January 18, 2026

PM Vajpayee की 2001 Russia Visit में Narendra Modi की भूमिका और Putin से पहली मुलाकात जिसने India Russia Friendship को नई दिशा दी

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PKN LIVE : भारत और रूस के बीच होने वाला India Russia Annual Summit 2025 एक बार फिर दोनों देशों के पुराने रिश्तों को चर्चा में ला रहा है। इस summit से पहले 2001 की वह घटना याद की जा रही है जब PM Vajpayee रूस की यात्रा पर गए थे और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पहली बार Vladimir Putin से मिले थे। दो दशक बीत जाने के बाद भी यह मुलाकात भारत और रूस के संबंधों का एक अहम अध्याय मानी जाती है।

यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक अभ्यास नहीं थी। मोदी ने कई बार कहा है कि राष्ट्रपति Putin ने उन्हें उस समय भी पूरा सम्मान दिया था जब वह राष्ट्रीय राजनीति में नए थे। यह शुरुआती संपर्क आगे चलकर दोनों नेताओं के बीच एक लंबे भरोसे और सहयोग की नींव बन गया।

2001 की Moscow Visit और Modi Putin First Meeting | India Russia Relations History

नवंबर 2001 में प्रधानमंत्री वाजपेयी रूस की यात्रा पर गए थे। यह भारत और रूस के बीच Strategic Partnership को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। वाजपेयी के साथ एक छोटा सा डेलीगेशन था जिसमें गुजरात के नए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। उस समय नरेंद्र मोदी राज्य स्तर की राजनीति में सक्रिय थे और राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका में प्रवेश कर रहे थे।

मास्को में हुई प्रेस ब्रीफिंग की तस्वीरें आज भी चर्चाओं में रहती हैं। इन तस्वीरों में नरेंद्र मोदी पीछे की पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं जबकि सामने वाजपेयी और राष्ट्रपति Putin मुख्य मंच पर मौजूद थे। एक अन्य तस्वीर में मोदी और तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह आपस में कुछ बात करते दिखाई देते हैं। एक फोटो में मोदी प्रधानमंत्री वाजपेयी के पास बैठकर दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते भी नजर आते हैं। ये तस्वीरें दिखाती हैं कि मोदी उस समय भी डेलीगेशन की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कई वर्षों बाद इस यात्रा को याद करते हुए कहा कि यही यात्रा उनकी और राष्ट्रपति Putin की दोस्ती की शुरुआत थी। उनके अनुसार यह मुलाकात भारत रूस संबंधों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत थी।

Putin और Modi की पहली मुलाकात का असर | Vladimir Putin Narendra Modi Meeting

2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2001 की इस पहली मुलाकात के बारे में कहा था कि राष्ट्रपति Putin ने उन्हें कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह नए हैं या किसी छोटे पद पर हैं। उन्होंने बताया था कि Putin ने बातचीत में भी वही गर्मजोशी दिखाई जो किसी दोस्त के लिए होती है। यह सम्मान आगे चलकर दोनों नेताओं के बीच एक भरोसे का रिश्ता बन गया।

India Russia Relations History में यह बात हमेशा कही जाती है कि इस रिश्ते की मजबूती सिर्फ राजनीतिक कारणों से नहीं है बल्कि नेताओं के बीच व्यक्तिगत समझ भी इसका एक बड़ा आधार है। 2001 की यह मुलाकात इसी व्यक्तिगत संबंध का शुरुआती कदम थी।

SCO Summit में Carpool Episode और Modi Putin Relationship | SCO Summit Putin Modi

राष्ट्रपति Vladimir Putin ने हाल ही में एक इंटरव्यू में SCO Summit का एक रोचक अनुभव याद किया। चीन में आयोजित इस समिट के दौरान मोदी और Putin एक साथ कार में यात्रा कर रहे थे। यह घटना उस समय काफी चर्चा में रही थी क्योंकि दोनों नेताओं की सहज बातचीत की कई तस्वीरें वैश्विक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।

इस तरह के क्षण यह बताते हैं कि India Russia Friendship सिर्फ रणनीति या रक्षा साझेदारी तक सीमित नहीं है। दोनों नेताओं के बीच एक सहजता है जो किसी भी उच्च स्तरीय राजनयिक संबंध को मजबूत बनाती है।

India Russia Annual Summit 2025 से क्या उम्मीदें हैं | India Russia Annual Summit 2025

राष्ट्रपति Putin एक बार फिर भारत आने वाले हैं। उनकी यह यात्रा उस समय हो रही है जब वैश्विक हालात कई मोर्चों पर जटिल बने हुए हैं। ऐसे में यह summit भारत और रूस दोनों के लिए कई बड़े फैसलों का रास्ता खोल सकता है।

इस यात्रा के दौरान जिन मुद्दों पर सबसे अधिक बातचीत होने की संभावना है उनमें शामिल हैं:

India Russia trade agreements में बढ़ोतरी
Energy sector में सहयोग
Defence ties में नई रणनीति
S 400 missile system पर आगे की बातचीत
Russian oil imports पर global pressures
Security cooperation में सुधार

S 400 system हाल के वर्षों में भारत की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। Operation Sindoor जैसे सैन्य अभियानों में इस सिस्टम ने पाकिस्तान की ओर से आने वाले खतरों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए summit में इस विषय पर गहरी चर्चा होना तय माना जा रहा है।

Putin का Delhi Arrival और High Level Meetings

राष्ट्रपति Putin शाम छह बजे दिल्ली पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री मोदी उन्हें एक निजी डिनर पर होस्ट करेंगे। अगले दिन उन्हें औपचारिक स्वागत मिलेगा। वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद Hyderabad House में 23rd India Russia Annual Summit आयोजित होगा।

यह summit उस समय हो रहा है जब geopolitics तेजी से बदल रहा है। इसके बावजूद India Russia Relations एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदारी के रूप में देखा जाता है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि उसकी foreign policy strategic autonomy आधारित है और रूस भी भारत के इस दृष्टिकोण को महत्व देता है।

2001 से 2025 तक Modi Putin Equation की यात्रा | India Russia Friendship

पिछले दो दशकों में India Russia Friendship कई क्षेत्रों में आगे बढ़ी है। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, ऊर्जा सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग, व्यापार या वैश्विक मंचों पर समर्थन, दोनों देशों ने एक स्थायी और भरोसेमंद संबंध बनाए रखा है।

मुख्य क्षेत्रों में जिन सहयोगों ने इस रिश्ते को मजबूत किया उनमें शामिल हैं:

सैन्य समझौते और संयुक्त परियोजनाएं
Space partnership और Gaganyaan सहयोग
Energy sector में Russian oil imports
Counter terrorism cooperation
Multipolar world order में strategic balancing

इन सबके केंद्र में मोदी और Putin की व्यक्तिगत समझ और भरोसा हमेशा मौजूद रहा है।

2019 में Modi द्वारा साझा की गई 2001 और 2019 की तस्वीरें

2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर 2001 Moscow Visit और 2019 Vladivostok Visit की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा था कि उन्होंने Atal Bihari Vajpayee के साथ Russia जाकर जो रिश्ता शुरू किया था, उसे वह आज भी आगे बढ़ा रहे हैं। यह continuity भारत की foreign policy में historical memory के महत्व को दर्शाती है।

भारत और रूस के रिश्ते अक्सर इस बात का उदाहरण माने जाते हैं कि लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और समान हितों पर आधारित संबंध समय के साथ और मजबूत होते जाते हैं।

भविष्य की दिशा और India Russia Strategic Partnership

India Russia Relations आज ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं जब दुनिया तेज बदलावों से गुजर रही है। भारत की जरूरतें, विशेषकर रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में, रूस के साथ सहयोग को और मजबूत बनाती हैं। दूसरी तरफ रूस भी एशिया में एक स्थायी और भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत उसकी इस प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

आने वाला वार्षिक summit इस सहयोग को और गहरा करेगा और कई नए द्विपक्षीय प्रोजेक्ट्स का रास्ता खोलेगा।

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