Sunday, January 18, 2026

सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025: दिल्ली से वृंदावन तक धर्म, संस्कृति और एकता का संदेश

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“चलो दिल्ली से वृंदावन की ओर…”
BPKN Live | भक्ति, एकता और सनातन संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से “सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025” का शुभारंभ 7 नवंबर 2025 को दिल्ली के छतरपुर मंदिर से होगा।
यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सामाजिक अभियान है जो धर्म, पर्यावरण संरक्षण, गौ माता के सम्मान और समरस समाज निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाएगी।

यात्रा का मार्ग और तिथियाँ

पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए 16 नवंबर 2025 को वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में समाप्त होगी।
हर दिन यात्रियों के लिए विश्राम और भजन-कीर्तन के विशेष कार्यक्रम होंगे।

यात्रा के प्रमुख पड़ाव:

  • 07 नवंबर: प्रारंभ – छतरपुर मंदिर, दिल्ली → रात्रि विश्राम – जीरखोद मंदिर

  • 08 नवंबर: दोपहर भोजन – बायो टेक कॉलेज के पास → रात्रि विश्राम – दशहरा मैदान, फरीदाबाद

  • 09 नवंबर: दोपहर भोजन – बल्लभगढ़ मंडी → रात्रि विश्राम – सीकरी (डॉ. एच.एन. अग्रवाल की भूमि)

  • 10 नवंबर: दोपहर भोजन – पृथला → रात्रि विश्राम – सेकेंडरी स्कूल, पलवल

  • 11 नवंबर: दोपहर भोजन – पलवल शुगर मिल → रात्रि विश्राम – मीतरौल

  • 12 नवंबर: दोपहर भोजन – वनचारी (जेबीएम) → रात्रि विश्राम – होडल मंडी

  • 13 नवंबर: दोपहर भोजन – कोटवन बॉर्डर → रात्रि विश्राम – कोसी मंडी

  • 14 नवंबर: दोपहर भोजन – ग्राम तुमौला → रात्रि विश्राम – ग्राम विलौठी (छाता के पास)

  • 15 नवंबर: दोपहर भोजन – एसकेएस कॉलेज, अखबरपुर → रात्रि विश्राम – राधा गोविंद मंदिर, जैत

  • 16 नवंबर: चारधाम मंदिर, छटीकरा में आशीर्वचन → अंतिम गंतव्य: श्री बांके बिहारी जी मंदिर, वृंदावन

यह यात्रा न केवल Delhi to Vrindavan Yatra है, बल्कि यह Hindu unity march का प्रतीक भी है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्ति और एकता का संदेश लेकर चलेंगे।

पदयात्रा के प्रमुख संकल्प

इस यात्रा के माध्यम से समाज में सात प्रमुख संकल्पों को आगे बढ़ाया जाएगा:

  1. समरस समाज का निर्माण: जाति और वर्गभेद से ऊपर उठकर एकता स्थापित करना।

  2. भारत को सनातन धर्म आधारित राष्ट्र बनाना: धर्म और संस्कृति पर केंद्रित राष्ट्रीय भावना का विकास।

  3. माँ यमुना की स्वच्छता का संकल्प: Yamuna cleanliness campaign के तहत नदी को पुनः जीवनदायिनी बनाना।

  4. ब्रजभूमि में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध: आध्यात्मिकता और पवित्रता को बनाए रखना।

  5. गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा: गौ अभयारण्य और संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाना।

  6. वृंदावन का पुनर्निर्माण: प्राचीन मंदिरों और धरोहरों का संरक्षण।

  7. श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर: भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य मंदिर निर्माण का लक्ष्य।

उद्देश्य और संदेश

Sanatan Hindu Ekta Padyatra 2025 केवल कदमों की यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और चेतना का संगम है।
इस यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के सिद्धांतों — “वसुधैव कुटुंबकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” — को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।

मुख्य उद्देश्य हैं:

  • युवाओं में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना।

  • समाज में प्रेम और सहयोग की भावना को सशक्त करना।

  • पर्यावरण संरक्षण और गौ सेवा को जीवन का हिस्सा बनाना।

  • राष्ट्र को एकता और आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर करना।

यात्रा के हर पड़ाव पर संत-महात्मा प्रवचन देंगे, भजन संध्याएँ होंगी और सामूहिक आरती के माध्यम से भक्तजन एक स्वर में “जय श्रीराम” और “जय श्रीकृष्ण” का उद्घोष करेंगे।

सामाजिक और आध्यात्मिक पहलू

यह पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय चेतना अभियान है।
Delhi to Vrindavan Yatra के दौरान हजारों श्रद्धालु पर्यावरण संरक्षण, Yamuna cleanliness, और cow protection जैसे सामाजिक उद्देश्यों को साकार करने का संदेश देंगे।

यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जरूरतमंदों के लिए सेवा कार्य किए जाएंगे। यह यात्रा Banke Bihari Ji darshan के साथ समर्पण और भक्ति की नई प्रेरणा बन जाएगी।

संपर्क सूत्र

👉 यात्रा से संबंधित जानकारी के लिए संपर्क करें:
📞 9006111008, 9006881008, 7671008108

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