PKN Live | Special Intensive Revision: गाजियाबाद में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सभी मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 (Special Intensive Revision 2026 – SIR 2026) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची के सत्यापन, अद्यतन और त्रुटि सुधार प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना था, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक शुद्ध और अद्यतन voter list तैयार की जा सके।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी, कॉन्ग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम और बहुजन समाज पार्टी सहित सभी प्रमुख दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसमें श्री सुभाष चंद्र शर्मा (जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि, भाजपा), श्री राजेंद्र शर्मा (महामंत्री, जिला कांग्रेस कमेटी), श्री वसीम बाबू एडवोकेट (जिला सचिव, सपा), श्री ताहिर हुसैन (प्रदेश सचिव, सपा), श्री त्रिफूल सिंह (शहर सचिव, सीपीएम), श्री मनोज कुमार (प्रभारी, बसपा) तथा श्री देवेंद्र गिरि (बीएलए-1, भाजपा) शामिल थे।
एएसडी मतदाता सूची पर विशेष जोर
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को अवगत कराया कि बीएलओ द्वारा ASD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate Voters) की सूची तैयार की जा रही है। यह सूची 4 दिसंबर 2025 तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के ERO द्वारा बीएलओ तथा बीएलए के साथ बैठक करके सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दी जाएगी। यह प्रक्रिया voter list verification को गति देने और डुप्लीकेट अथवा अवैध प्रविष्टियों को हटाने के लिए महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अर्ह मतदाता का नाम बीएलओ की त्रुटि के कारण ASD सूची में शामिल हो गया है, तो राजनीतिक दल अपने बीएलए के माध्यम से इसकी जांच करें और तुरंत संबंधित ERO को सूचित करें। ERO के स्तर पर इस नाम को Roll Back System के माध्यम से 11 दिसंबर 2025 से पूर्व सही किया जा सकेगा। इस सिस्टम को भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में पोर्टल पर सक्रिय किया है, जिससे त्रुटियों को शीघ्र सुधारा जा सकेगा।
40 प्रतिशत से अधिक ASD वाले बूथों पर विशेष निगरानी
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार, जिन बूथों पर 40% से अधिक ASD entries पाई गई हैं, वहां विशेष पर्यवेक्षण की व्यवस्था की गई है। ऐसे बूथों पर 5-6 बूथों के लिए एक अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो स्वयं कम से कम 50 घरों का भौतिक सत्यापन करेंगे और रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
कुल 102 अधिकारियों को ASD सूची सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों की सूची भी राजनीतिक दलों के ग्रुप और प्रतिनिधियों के साथ साझा की जा चुकी है। यह कदम electoral roll accuracy, voter verification, और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक व्यापक पहल है।
दिल्ली से सटे इलाकों में दोहरी वोटिंग की समस्या
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया कि दिल्ली सीमा से लगे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने dual voter registration करा रखा है। इससे गणना फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 536 का उदाहरण देते हुए बताया गया कि यहां 750 मतदाता दर्ज हैं, लेकिन 100 से भी कम मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए हैं। इन क्षेत्रों में migration बहुत अधिक होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
खोड़ा और मकनपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मतदाताओं के पते बदलने की घटनाएं भी बड़ी संख्या में सामने आई हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं को खोज रहे हैं और उनसे गणना फॉर्म प्राप्त कर रहे हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने यह तथ्य स्वीकार किया कि साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर माइग्रेशन हुआ है और लगभग 5 लाख मतदाताओं के वोट कटने की संभावना बन रही है, यदि सत्यापन प्रक्रिया में वे उपलब्ध न पाए जाएं।
साहिबाबाद में 40 विशेष पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की तैनाती
अधिकारियों ने जानकारी दी कि साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में 40 विशेष पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। उनका कार्य है कि अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक कर उन्हें गणना फॉर्म जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। यह प्रयास voter awareness को बढ़ाने और मतदाता सूची को यथासंभव सटीक बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
48.40% गणना फॉर्म डिजिटाइज्ड
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 तक 48.40 प्रतिशत गणना फॉर्म बीएलओ द्वारा डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है, और आगामी समय में शेष फॉर्म भी डिजिटल रिकॉर्ड में परिवर्तित कर लिए जाएंगे।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि बीएलओ के साथ समन्वय बढ़ाएं और अपने बीएलए को सक्रिय करें ताकि छूटे हुए अर्ह मतदाताओं के गणना फॉर्म एकत्र किए जा सकें। जिन बीएलओ ने 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया है, उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे स्थायी रूप से बाहर गए, मृत, डुप्लीकेट और मिसिंग मतदाताओं की अद्यतन सूची तैयार कर सभी बीएलए से साझा करें। इस सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बीएलए के हस्ताक्षर के साथ कार्यवृत्त भी तैयार किया जाएगा।
ASD सूची का अंतिम सत्यापन अनिवार्य
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ASD सूची का अंतिम सत्यापन राजनीतिक दलों के बीएलए के माध्यम से किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी अर्ह मतदाता का नाम गलती से अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट श्रेणी में शामिल न हो। यह प्रक्रिया clean electoral roll, accurate voter list, और transparent election system के लिए अत्यंत आवश्यक है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग का आह्वान
बैठक के अंत में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए उनसे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में और अधिक सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावलियों का प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक संवेदनशील और व्यापक प्रक्रिया है, जिसमें सभी पक्षों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।


