Sunday, January 18, 2026

TMC MLA Humayun Kabir Babri Masjid बयान पर निलंबित, 22 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान करेंगे

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PKN LIVE : West Bengal की राजनीति में बड़ा upheaval देखने को मिला जब Trinamool Congress ने Bharatpur से पार्टी MLA Humayun Kabir को निलंबित कर दिया। उनका अपराध—Murshidabad में 6 दिसंबर को ‘Babri Masjid’ के निर्माण की घोषणा करना। यह बयान न सिर्फ TMC नेतृत्व के लिए असहज करने वाला था बल्कि Bengal politics में communal tensions को लेकर नया विवाद भी खड़ा कर रहा था।

TMC MLA Humayun Kabir की Suspension Story: TMC ने कहा Anti-Party Activities

Bengal political news, TMC disciplinary action, और communal politics controversy जैसे seo keywords के बीच Trinamool Congress नेता व राज्य के मंत्री Firhad Hakim ने गुरुवार को घोषणा की कि पार्टी ने Humayun Kabir को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है।

Hakim ने कहा कि:
“वह Rejinagar में रहते हैं और Bharatpur के MLA हैं। फिर Beldanga में मस्जिद बनाने की बात क्यों? Beldanga सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। अगर दंगे हुए, तो polarization होगा और BJP को फायदा मिलेगा।”

Hakim का आरोप यह संकेत देता है कि TMC इस कदम को communal politics से दूरी बनाने के लिए उपयोग कर रही है। पार्टी ने Kabir को तीन बार चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया।

Mamata Banerjee की Murshidabad Visit के दिन ही Suspension—समय पर उठे सवाल

Kabir का निलंबन उस दिन हुआ जब Chief Minister Mamata Banerjee Murshidabad जिले के दौरे पर थीं।
यह timing अपने आप में राजनीतिक संदेश देती है कि TMC किसी भी तरह के communal बयान को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, विशेष रूप से उस जिले में जहां हाल ही में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी।

Kabir का पलटवार: MLA पद से इस्तीफा और नई पार्टी का ऐलान

Suspension के बाद Humayun Kabir ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा:

“मैं MLA पद से इस्तीफा दूंगा और 22 दिसंबर को Murshidabad में अपनी पार्टी लॉन्च करूंगा। मैं BJP और Trinamool दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा।”

उनका यह बयान संकेत देता है कि Bengal political battlefield में एक नई छोटी लेकिन प्रभावी खिलाड़ी की एंट्री हो सकती है, विशेष रूप से Murshidabad जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र में।

Kabir ने यह भी कहा कि Babri Masjid निर्माण के उनके प्लान में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे यह विवाद और बढ़ सकता है।

TMC के लिए बढ़ती मुश्किलें: BJP को मिला हथियार

Kabir के लगातार ‘Babri Masjid’ निर्माण संबंधी बयानों ने TMC को कई दिनों से असहज किया हुआ था।
BJP इस मुद्दे को तुरंत हथियार बनाकर टीएमसी पर communal appeasement का आरोप लगाने लगी थी।

West Bengal के Governor C.V. Ananda Bose ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और MLA के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इससे विवाद का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया।

Murshidabad की Communal Background: पहले भी भड़की थी हिंसा

यह विवाद ऐसे जिले में जन्मा है जिसने अप्रैल 2025 में Waqf (Amendment) Bill को लेकर communal riots देखे थे।
इन दंगों में:

  • तीन लोगों की मौत हुई
  • सैकड़ों लोग बेघर हुए
  • जिले में सांप्रदायिक तनाव कई दिनों तक बना रहा

ऐसे संवेदनशील जिले में Babri Masjid जैसे national-level विवादास्पद मुद्दे पर बयान देना कानून-व्यवस्था और राजनीति दोनों के लिए बेहद जोखिम भरा माना जा रहा था।

Kabir पहले भी कई सांप्रदायिक बयान दे चुके हैं, जिससे TMC नेतृत्व परेशानी में था।

Kabir की Political Journey: TMC से बीजेपी, फिर TMC—अब नई पार्टी?

Humayun Kabir की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है:

  • 2015: TMC ने उन्हें छह साल के लिए निलंबित किया
  • 2018: वे BJP में शामिल हो गए
  • 2019: BJP उम्मीदवार के रूप में Murshidabad से लोकसभा चुनाव लड़ा
  • 2021: वे वापस TMC में लौट आए
  • 2025: Babri Masjid बयान के बाद फिर निलंबन

उनकी frequent party-switching बताती है कि वे अपनी राजनीतिक जमीन खोजने की कोशिश में लगातार रणनीति बदलते रहे हैं।

अब वे तीसरी बार राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इस बार अपनी पार्टी बनाकर।

Bengal Politics में नया मोड़: TMC की कसावट, BJP की तैयारी और Kabir की एंट्री

  • Kabir का निलंबन कई बड़े संकेत देता है:
  • TMC communal statements पर zero tolerance दिखाना चाहती है
  • BJP इस विवाद का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करेगी
  • Murshidabad में नई पार्टी के आने से वोटों का संतुलन बदल सकता है
  • मुस्लिम वोटबैंक में एक नई हलचल पैदा हो सकती है
  • Kabir के बयान आगे communal tensions को हवा दे सकते हैं

यह विवाद 2026 विधानसभा चुनावों से पहले Bengal politics की दिशा की झलक देता है। यह साफ है कि दोनों बड़ी पार्टियां अब अधिक सतर्क और aggressive mood में दिखाई देंगी।

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