PKN Live | उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, UP BJP President पद के लिए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। अब केवल औपचारिक ऐलान बाकी है, जिसे पार्टी मेगा इवेंट के रूप में आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
भाजपा ने यह स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष का चयन OBC Leadership in BJP के तहत ही किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
UP BJP President पद के लिए पंकज चौधरी क्यों सबसे आगे
पंकज चौधरी न केवल संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ रखते हैं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में उनका कद बेहद बड़ा है। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर से सटे महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और लगातार सात बार सांसद चुने जा चुके हैं।
7 बार सांसद, संगठन से सरकार तक मजबूत पकड़
पंकज चौधरी ने राजनीति की शुरुआत पार्षद के रूप में की थी। इसके बाद वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर बने और साल 1991 में पहली बार लोकसभा पहुंचे। तब से लेकर अब तक वह सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। लंबे संसदीय अनुभव के साथ-साथ वह संगठनात्मक राजनीति में भी गहरी समझ रखते हैं।
वर्तमान में वह Modi Government Minister के रूप में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री हैं और 2021 से केंद्र सरकार का हिस्सा हैं। यह उनकी विश्वसनीयता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण माना जाता है।
मोदी-शाह के करीबी माने जाते हैं पंकज चौधरी
पंकज चौधरी की सबसे बड़ी ताकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनका भरोसेमंद रिश्ता है। वर्ष 2023 में जब पीएम मोदी गोरखपुर दौरे पर पहुंचे थे, तब उनका अचानक पंकज चौधरी के घर जाना राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बना था।
इस घटना को यह संकेत माना गया कि पंकज चौधरी प्रधानमंत्री के करीबी नेताओं में शुमार हैं। यही वजह है कि BJP High Command Decision में उनका नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
OBC राजनीति और कुर्मी वोट बैंक पर BJP का फोकस
भाजपा ने आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग यानी OBC समाज पर बड़ा दांव खेलने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में यादवों के बाद कुर्मी समाज की आबादी सबसे ज्यादा मानी जाती है।
कुर्मी समाज को साधने की रणनीति
हाल के लोकसभा चुनावों में कुर्मी समाज का एक हिस्सा PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) के नाम पर समाजवादी पार्टी की ओर गया था। इससे भाजपा को नुकसान हुआ। पार्टी अब नहीं चाहती कि Kurmi Vote Bank in UP में और सेंध लगे।
2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 11 कुर्मी सांसद चुने गए, जिनमें से 7 सपा और 3 भाजपा से थे। इस आंकड़े ने भाजपा नेतृत्व को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कुर्मी वोटों का ध्रुवीकरण रोकना जरूरी है। पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा इस सामाजिक समीकरण को मजबूत करना चाहती है।
कुर्मी समाज से चौथे BJP अध्यक्ष बन सकते हैं पंकज चौधरी
उत्तर प्रदेश भाजपा में इससे पहले भी कुर्मी समाज से तीन नेता प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें विनय कटियार, स्वतंत्र देव सिंह और ओम प्रकाश सिंह शामिल हैं। यदि पंकज चौधरी के नाम पर मुहर लगती है तो वह Fourth Kurmi BJP President in UP होंगे।
यह फैसला साफ तौर पर दर्शाता है कि भाजपा OBC समाज, खासकर कुर्मी समुदाय को अपने कोर वोट बैंक के रूप में बनाए रखना चाहती है।
योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी: संगठन और सरकार का संतुलन
गोरखपुर की राजनीति में योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी को भाजपा के दो सबसे बड़े क्षत्रप माना जाता है। दोनों की कार्यशैली अलग है, लेकिन प्रभाव समान रूप से मजबूत है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ के पास सरकार की कमान है, जबकि पंकज चौधरी को संगठन की जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी सत्ता और संगठन के बीच संतुलन बनाना चाहती है। यह मॉडल भाजपा पहले भी कई राज्यों में अपनाती रही है।
प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को BJP बनाएगी मेगा इवेंट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को पूरी तरह संगठित और भव्य तरीके से कराने जा रही है। शनिवार सुबह 11 बजे पंकज चौधरी के लखनऊ पहुंचने की संभावना है।
चुनाव से जुड़े बड़े अपडेट
प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय पहुंचकर चुनाव तैयारियों का जायजा लिया है। पार्टी ने चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां वरिष्ठ नेताओं को सौंपी हैं।
शनिवार को नामांकन व्यवस्था की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दी गई है। वहीं 14 दिसंबर को होने वाले चुनाव कार्यक्रम की कमान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक संभालेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष का नामांकन भाजपा मुख्यालय में होगा, जबकि चुनाव की प्रक्रिया लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में पूरी की जाएगी। इस कार्यक्रम में करीब दो हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
BJP संगठन में व्यापक भागीदारी
इस चुनाव में भाजपा ने सभी विधायक, सांसद, प्रांतीय परिषद सदस्य, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, प्रदेश पदाधिकारी और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को आमंत्रित किया है। इससे साफ है कि पार्टी इस चुनाव के जरिए संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देना चाहती है।
भाजपा ने कुल 8 प्रस्तावक बनाए हैं, जिनमें कानपुर के MLC अरुण पाठक का नाम भी शामिल है।
हाईकमान की सक्रिय भूमिका
राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने भाजपा मुख्यालय में प्रांतीय परिषद सदस्यों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
बीएल संतोष शुक्रवार शाम लखनऊ पहुंचे और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष के लिए तय नाम की जानकारी दी।
चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय भी देर रात बनारस से लखनऊ पहुंच रहे हैं। वह शनिवार को अध्यक्ष पद के लिए चयनित कार्यकर्ता को नामांकन पत्र सौंपेंगे। इसके बाद उम्मीदवार को अपना नामांकन पत्र राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल को देना होगा।
BJP की आगे की चुनावी रणनीति
पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की स्थिति में भाजपा की रणनीति पूरी तरह OBC, खासकर कुर्मी समाज के इर्द-गिर्द केंद्रित होगी। पार्टी पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी।
पंकज चौधरी को एक कुशल प्लानर और जमीन से जुड़े नेता के रूप में जाना जाता है। संगठन में उनकी पकड़ और सरकार में उनकी मौजूदगी भाजपा के लिए दोहरी ताकत साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, UP BJP President Pankaj Chaudhary का नाम लगभग तय माना जा रहा है। यह फैसला सिर्फ एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीति को दिशा देने वाला कदम है। OBC नेतृत्व, कुर्मी वोट बैंक, संगठन और सरकार के संतुलन जैसे कई अहम राजनीतिक संदेश इस फैसले के साथ जुड़े हुए हैं।


