Sunday, January 18, 2026

US Court ने रद्द किया 1 Billion Dollar Damages Order, Byju Raveendran को बड़ी राहत; जनवरी में फिर होगी सुनवाई

Share

PKN Live | संयुक्त राज्य अमेरिका की एक दिवालियापन अदालत (US Bankruptcy Court) ने Byju’s के संस्थापक बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) को बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने वह 1 Billion Dollar damages ruling वापस ले ली है, जिसने हाल के महीनों में संकटग्रस्त edtech कंपनी और उसके संस्थापकों पर भारी दबाव बना दिया था। US Court reversal, Byju Raveendran case और Delaware Court ruling जैसे SEO keywords इस मुकदमे की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हैं।

कोर्ट का यह आदेश उन नई दलीलों के आधार पर आया है, जो Delaware Court में दाखिल की गईं। पिछले महीने इसी अदालत ने एक default judgement के तहत रवींद्रन को जिम्मेदार ठहराया था कि उन्होंने 2021 में लिए गए USD 1.2 billion term loan के बड़े हिस्से का ट्रैक करने में सहयोग नहीं किया।

कोर्ट ने माना—damages तय नहीं हुए थे

Byju Raveendran की ओर से दलील दी गई कि उन्हें 30 दिन का समय नहीं दिया गया था ताकि वे एक US attorney नियुक्त कर सकें। उनके अनुरोध और आपत्तियों को सुनने के बाद Delaware Court ने माना कि damages का निर्धारण पहले नहीं हुआ था। इस आधार पर उसने 20 नवंबर 2025 के निर्णय को सुधारते हुए नया आदेश जारी किया।

कोर्ट ने कहा कि वह अपने Default Judgment Opinion में से damages संबंधी सभी हिस्से हटाएगी और यह मामला अब जनवरी 2026 में नए चरण में प्रवेश करेगा। नई सुनवाई 7 जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिसमें दोनों पक्ष damages पर अपनी-अपनी स्थिति कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “अंतिम निर्णय damages पर तर्क पूरे होने के बाद ही जारी किया जाएगा।”

यह फैसला उस भारी राहत की तरह देखा जा रहा है, जिसकी Byju Raveendran को लंबे समय से जरूरत थी, क्योंकि 1 Billion Dollar damages का आदेश न केवल व्यक्तिगत रूप से उनके लिए बल्कि पूरी कंपनी की भावी संभावनाओं के लिए भी खतरा बन गया था।

विवाद कैसे बढ़ा

पिछले एक वर्ष में Byju’s और उसके ऋणदाताओं (creditors), विशेषकर GLAS Trust के बीच विवाद लगातार तीखा होता गया है। ऋणदाताओं ने रवींद्रन, उनकी सह-संस्थापक पत्नी दिव्या गोखुलनाथ और कंपनी की वरिष्ठ अधिकारी अनीता किशोर पर आरोप लगाया कि उन्होंने USD 533 million की धनराशि की “masterminded theft” की।

संस्थापकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी धनराशि Think and Learn Pvt Ltd में पुनः निवेश की गई थी ताकि लगभग USD 3 billion के अधिग्रहण पूरे किए जा सकें।

रवींद्रन के नए बयान में ऋणदाताओं पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी गई। उनके अनुसार GLAS Trust और संबंधित lenders ने जानबूझकर गलत सूचनाएं पेश कीं, जिससे Byju’s का पतन तेज हुआ, लगभग 85,000 नौकरियां प्रभावित हुईं और 250 million छात्रों पर असर पड़ा। उनका दावा है कि lenders का व्यवहार कंपनी की “enterprise value destruction” का बड़ा कारण बना।

रवींद्रन की ओर से काउंटर-एक्शन की तैयारी

इस मामले के अगले चरण में जाने के साथ ही Byju Raveendran अब न केवल अपना बचाव मजबूत करना चाहते हैं, बल्कि GLAS Trust के खिलाफ 2.5 Billion Dollar lawsuit दायर करने की भी तैयारी कर रहे हैं। पहले भी उन्होंने इसके संकेत दिए थे, लेकिन अब उनकी टीम इसे लेकर और आक्रामक दिख रही है।

उनके litigation advisor माइकल मैकनट ने कहा, “आज तक Byju Raveendran को Plaintiffs को एक भी डॉलर का damages भुगतान करने योग्य नहीं पाया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि जनवरी में शुरू होने वाली damages hearing में वे यह साबित करेंगे कि न तो ऋणदाताओं को कोई वास्तविक नुकसान हुआ है और न ही रवींद्रन की ओर से कोई गैरकानूनी diversion हुआ।

उनका यह भी कहना है कि Plaintiffs ने इस मुकदमे सहित कई अन्य मामलों में US Courts और Indian Courts को गुमराह किया। मैकनट ने संकेत दिया कि वे GLAS Trust के वकीलों के खिलाफ sanctions की मांग करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

Alpha Funds पर लगे आरोपों का जवाब

Byju’s संस्थापकों के अनुसार GLAS Trust और Resolution Professional ने लगातार यह दावा किया कि USD 533 million की धनराशि का “कोई पता नहीं” है या वह diversion के रूप में इस्तेमाल हुई। लेकिन रवींद्रन के पक्ष का कहना है कि यह बिल्कुल गलत है।

उनका दावा है कि GLAS Trust के पास अप्रैल 2025 से वह सभी दस्तावेज मौजूद थे, जिनसे स्पष्ट होता है कि Alpha Loan से गई धनराशि कानूनी रूप से Think and Learn में निवेश की गई। यह भी बताया गया कि उनके ही वकीलों ने अन्य कार्यवाहियों में जो जानकारी प्राप्त की थी, उसने यह साफ कर दिया कि lenders पूरे fund flow से पूरी तरह अवगत थे।

Think and Learn के वित्तीय रिकॉर्ड भी यह दर्शाते हैं कि रवींद्रन और उनके नियंत्रण वाली संस्थाओं ने इसी अवधि में USD 475 million से अधिक निवेश TLPL में शेयर खरीदकर किया। संस्थापक इस साक्ष्य को आगामी appeal और 2.5 Billion Dollar claim में शामिल करने की योजना बना रहे हैं।

Delaware Court का damages ruling वापस लेना Byju Raveendran के लिए एक बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है। लेकिन मुकदमा अभी खत्म नहीं हुआ है। जनवरी 2026 में शुरू होने वाली fresh hearing इस केस की दिशा तय करेगी। यदि रवींद्रन damages hearing में यह साबित करने में सफल होते हैं कि ऋणदाताओं को कोई नुकसान नहीं हुआ, तो यह Byju’s के लिए एक महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

वहीं, GLAS Trust और अन्य lenders अपनी मूल दलीलों पर कायम हैं और यह विवाद संभवतः लंबे समय तक खिंच सकता है। US Court case, Byju’s bankruptcy battle और Delaware ruling जैसे मुद्दे अब भी कंपनी के भविष्य पर एक बड़ा साया बने हुए हैं।

आने वाले महीनों में यह देखने योग्य होगा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय अदालतों, भारतीय न्यायालयों और कंपनी के संचालन पर किस तरह का असर डालता है।

Read more

Local News