Vladimir Putin की दिल्ली यात्रा को लेकर किले में बदला राजधानी: Anti-Drone Guns से लेकर SWAT Teams तक कड़ी सुरक्षा

PKN LIVE : रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की दो दिवसीय राज्य यात्रा ने दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को उच्चतम सतर्कता मोड पर ला दिया है। भारत और रूस की संयुक्त सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय के साथ राजधानी में ऐसे व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं, जिन्हें हाल के वर्षों में सबसे मजबूत माना जा रहा है। राजधानी में हाल ही में हुए धमाके के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

Vladimir Putin 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए 4 दिसंबर को दिल्ली पहुंचे और 5 दिसंबर तक भारत में रहेंगे। उनकी मौजूदगी के दौरान सुरक्षा बलों ने मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसमें दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, अर्धसैनिक बल और विशेष इकाइयाँ शामिल हैं।

दिल्ली की सड़कों पर कड़ी निगरानी, सुरक्षा घेरा और ट्रैफिक नियंत्रण

पूरी दिल्ली को हाई-अलर्ट पर रखते हुए कई महत्वपूर्ण इलाकों में बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। उच्च सुरक्षा क्षेत्रों में प्रवेश सीमित कर दिया गया है और संवेदनशील रास्तों पर वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। प्रमुख मार्गों पर route sanitisation, traffic diversions और सुरक्षा गश्त पूरे दिन जारी है।

रूस के राष्ट्रपति जिस होटल में ठहर रहे हैं और जिन स्थानों पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, वहां सुरक्षा का सबसे ऊपरी स्तर लागू किया गया है। सुरक्षा बल इन इलाकों में लगातार पहरा दे रहे हैं और संभावित खतरों को रोकने के लिए सभी तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

Vladimir Putin: India-Russia Joint Security Coordination

पुतिन के साथ लगभग 130 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आया है, जिसमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं। दौरे से पहले ही रूस की advance security टीम के 50 से अधिक सदस्य दिल्ली पहुंच चुके थे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, मार्गों और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया।

यह दल सुरक्षा योजना में भारतीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। सबसे भीतरी सुरक्षा घेरा रूसी special forces संभालेंगी, जबकि बाहरी सुरक्षा स्तर भारतीय एजेंसियों के जिम्मे होगा। यह संयुक्त सुरक्षा संरचना इस दौरे को महत्व के साथ-साथ गंभीर सुरक्षा उपायों का संकेत देती है।

SWAT Teams और Anti-Terror Units की तैनाती

दिल्ली में कई जगहों पर SWAT टीम, anti-terror squad और quick reaction forces को तैनात किया गया है। इन इकाइयों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रखा गया है।

Plainclothes officers, bomb disposal squad और sniffer dog units भी लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता तुरंत लगाया जा सके।

Anti-Drone Guns से High-Tech Aerial Surveillance

हाल के सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली में हवाई निगरानी को अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त किया गया है। प्रमुख स्थानों पर anti-drone guns तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी अनधिकृत ड्रोन गतिविधि को रोका जा सके।

इसके साथ ही moving drone surveillance भी शुरू किया गया है, जो लगातार ऊँचाई से संवेदनशील इलाकों, भवनों की छतों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नज़र रख रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने integrated command centres स्थापित किए हैं, जहां CCTV footage, drone camera feed और intelligence inputs का real-time विश्लेषण किया जा रहा है। यह संयुक्त प्रयास minute-to-minute monitoring सुनिश्चित कर रहा है।

Blast के बाद बढ़ा सुरक्षा का स्तर

दिल्ली में हाल ही में हुए धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्क कर दिया है। पुतिन की यात्रा को देखते हुए उन सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है जहां कार्यक्रम तय हैं।
इनमें शामिल हैं:

  • Entry gates पर enhanced frisking

  • Sniffer dogs की अतिरिक्त तैनाती

  • Emergency medical teams standby पर

  • होटल और राजनयिक क्षेत्रों में सुरक्षा स्तर बढ़ाना

यह तयारियाँ न केवल एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेता की सुरक्षित मेजबानी के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह भारत की मजबूत सुरक्षा क्षमता का संकेत भी देती हैं।

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