PKN Live | World AIDS Day 2025 हर साल 1 दिसंबर आते ही दुनिया फिर उसी मुद्दे पर लौटती है—एचआईवी अभी खत्म नहीं हुआ है। 2025 में वर्ल्ड एड्स डे की थीम है “Overcoming disruption, transforming the AIDS response”, और यह बात इसीलिए दोहराई जा रही है क्योंकि शुरुआती पहचान अब भी वह कड़ी है जिसे लोग सबसे ज्यादा नजरअंदाज कर देते हैं।
कई मरीज ऐसे मिलते हैं जिन्हें संक्रमण के शुरुआती हफ्तों में तेज जुकाम जैसा बुखार आता है, कुछ दिन बदन टूटता है, फिर ठीक हो जाते हैं। वे सोचते हैं कि यह मौसम का असर है, जबकि डॉक्टर बताते हैं कि acute HIV infection अक्सर इसी तरह शुरू होता है। शुरुआती लक्षण कमजोर होते हैं, मगर खतरा नहीं। असली खतरा यह है कि लोग इन्हें पहचान नहीं पाते और इलाज देर से शुरू होता है, जबकि ART आज उपलब्ध है और बेहद असरदार भी।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, 2024 के आखिर तक लगभग 40.8 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे और उसी साल 1.3 मिलियन नए केस सामने आए। ये आंकड़े किसी भी सरकार को सतर्क करने के लिए काफी हैं। Early detection आज भी उतनी ही जरूरी है जितनी दशक भर पहले थी।
World AIDS Day 2025 : भारत में क्या स्थिति है?
भारत की एड्स नीति मजबूत हुई है, यह सच है। नई रिपोर्टों में एचआईवी prevalence लगभग 0.2% बताया गया है। नाको (NACO) की ओर से टेस्टिंग, प्रिवेंशन और मुफ्त ART जैसे कार्यक्रम व्यापक हुए हैं। फिर भी दो-तीन बड़ी दिक्कतें बनी हुई हैं—कई लोग टेस्टिंग करवाते ही नहीं, कई को सेवाएं नहीं मिल पातीं और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभी भी कमजोर है। ऊपर से महामारी के समय सेवाएं बाधित भी हुई थीं।
इन्हीं अंतरालों को भरने की कोशिश इस साल की थीम में साफ झलकती है।
World AIDS Day 2025 : शुरुआती संक्रमण में शरीर के भीतर क्या होता है?
जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है, पहले कुछ हफ्ते काफी तेज़ गतिविधि वाले होते हैं। वायरस तेजी से बढ़ता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली उसे रोकने की कोशिश में कई तरह की प्रतिक्रियाएँ देती है। यही वह समय है जिसे चिकित्सक acute phase कहते हैं।
इसी अवधि में वायरस की मात्रा सबसे ज्यादा होती है, यानी दूसरों को संक्रमित करने की संभावना बहुत अधिक रहती है। लेकिन चूंकि लक्षण मामूली होते हैं, लोग समझ ही नहीं पाते कि कुछ सीरियस चल रहा है।
World AIDS Day 2025 : शुरुआती लक्षण — जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं
डॉक्टरों के अनुसार, अगर हाल में कोई जोखिमपूर्ण स्थिति रही हो और इसके बाद ये लक्षण दिखें, तो टेस्ट कराना समझदारी है। कुछ आम संकेत इस प्रकार हैं:
तेज बुखार
अचानक तापमान बढ़ना और कई दिन बने रहना सबसे पहला संकेत माना जाता है। कई बार कंपकंपी और ठंड लगना भी साथ होता है।
थकान
नींद पूरी होने के बाद भी थकावट न उतरना, काम में ध्यान न लगना, या शरीर हल्का टूटता महसूस होना।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
फ़्लू जैसा दर्द, जिसे लोग अक्सर मौसम बदलने का असर मान लेते हैं, पर यह शुरुआती संक्रमण का हिस्सा भी हो सकता है।
लसिका ग्रंथियों में सूजन
गर्दन, बगल या कमर के पास छोटी-छोटी गाठें उभर आती हैं। हल्का दर्द भी महसूस हो सकता है।
त्वचा पर दाने
कुछ लोगों की छाती या पीठ पर लाल या चित्तीदार दाने निकल आते हैं। वे कुछ दिन बाद बिना दवा भी गायब हो सकते हैं।
गला खराब होना
गले में जलन, खुरदुरापन या दर्द, जो साधारण सर्दी से अलग लगता है।
पेट की दिक्कतें
मतली, थोड़ी उलटी या बार-बार दस्त—यह सब भी देखा गया है। हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं।
सिरदर्द
कई मरीज तेज सिरदर्द बताते हैं, खासकर संक्रमण के शुरुआती हफ्तों में।
रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 90% मरीज पहले महीने में इनमें से कम से कम एक लक्षण अनुभव करते हैं। चूंकि यह सब कुछ दिनों में शांत भी हो जाता है, लोग इसे सामान्य वायरल समझकर छोड़ देते हैं।
World AIDS Day 2025 : जल्दी परीक्षण क्यों जरूरी है?
एचआईवी की पुष्टि जल्द हो जाए तो ART तुरंत शुरू की जा सकती है, और यही सबसे प्रभावी रास्ता है।
ART से क्या फायदा होता है?
• वायरल लोड तेजी से नीचे आता है
• संक्रमण दूसरों तक लगभग नहीं पहुंचता
• इम्युनिटी सुरक्षित रहती है
• बीमारी आगे बढ़ने का खतरा कम होता है
डॉक्टर बार-बार यह बात दोहराते हैं कि आज एचआईवी का इलाज मौजूद है, लेकिन इसकी सफलता तभी है जब बीमारी देर से नहीं पकड़ी जाए।
World AIDS Day 2025 : अगर आपको लगता है कि आप जोखिम में आए हैं, तो क्या करें?
तुरंत टेस्ट करवाएं
अगर unprotected sex हुआ हो, सुई साझा की गई हो या किसी और तरह का एक्सपोजर हुआ हो, तो देरी न करें।
4th generation test और NAT जैसे परीक्षण अब शुरुआती संक्रमण में भी वायरस पकड़ लेते हैं।
PEP विकल्प को जानें
अगर जोखिम 72 घंटे के भीतर हुआ है तो post-exposure prophylaxis यानी PEP शुरू किया जा सकता है। यह संक्रमण को रोक सकता है, लेकिन समय बेहद कम होता है।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉक्टर को सब कुछ साफ बताएं—कब, कैसे, किस तरह का संपर्क हुआ—ताकि वह सही टेस्ट लिख सके।
ART जल्द शुरू करें
अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो सरकारी ART केंद्रों पर मुफ्त इलाज उपलब्ध है। Viral suppression जितना जल्दी होगा, उतना बेहतर।


